Russia on Trump : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस की दो प्रमुख तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने के फैसले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव फिर गहराता दिख रहा है. ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के दबाव के तहत यह कदम उठाया, लेकिन रूस ने इसे “युद्ध की कार्रवाई” करार दिया है.
अमेरिका दुश्मन, युद्ध के रास्ते पर चल रहे ट्रंप
आपको बता दें कि रूस की सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने कहा कि अमेरिका अब रूस का दुश्मन है. उन्होंने टेलीग्राम पर लिखा कि “बातूनी शांति निर्माता” ट्रंप अब “पागल यूरोप” के साथ मिलकर रूस के खिलाफ युद्ध की राह पर हैं. रूस की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने भी कहा कि जब तक यूक्रेन संघर्ष की जड़ को नहीं सुलझाया जाता, रूस अपने लक्ष्यों से पीछे नहीं हटेगा.
अमेरिका ने लगाया बड़ा आर्थिक प्रहार
ट्रंप प्रशासन ने रूस की दो सबसे बड़ी तेल कंपनियों रोसनेफ्ट (Rosneft) और लुकोइल (Lukoil) पर प्रतिबंध लगा दिए हैं. यह कदम यूक्रेन पर रूस के हमले को रोकने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है. प्रतिबंधों के बाद वैश्विक तेल बाजार में 3% की कीमतों की वृद्धि दर्ज की गई.
वोलोडिमिर जेलेंस्की ने ट्रंप को दिया धन्यवाद
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह कदम “महत्वपूर्ण” है, लेकिन रूस पर और दबाव बढ़ाने की ज़रूरत है. वहीं, ट्रंप ने बुडापेस्ट में होने वाली पुतिन के साथ शिखर बैठक को रद्द कर दिया, यह कहते हुए कि बैठक से कोई ठोस परिणाम निकलने की उम्मीद नहीं थी.
ट्रंप की रणनीति में बदलाव
अगस्त में अलास्का में हुई पिछली बैठक के बाद ट्रंप ने यूक्रेन में तत्काल युद्धविराम की अपनी मांग से पीछे हटते हुए रूस के प्रस्ताव “समग्र शांति समझौते” पर बातचीत का समर्थन किया था. ट्रंप के नए प्रतिबंधों ने रूस-अमेरिका संबंधों को और जटिल बना दिया है. जहां एक ओर अमेरिका रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है, वहीं रूस अब खुलकर अमेरिका को “दुश्मन” कह रहा है. इसका असर वैश्विक राजनीति और तेल बाजार दोनों पर दिखना शुरू हो गया है.
First Updated : Thursday, 23 October 2025