पाकिस्तान में बंटा वफादारी का मैदान, अवाम ईरान के साथ, मुनीर अमेरिका के साथ, सड़कों पर बवाल

खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान की जनता जहां खुलकर ईरान के समर्थन में उतर आई है, वहीं सेना प्रमुख आसिम मुनीर का रुख अमेरिका के पक्ष में माना जा रहा है. इन सब के चलते पाकिस्तान में हालात बेकाबू हो रहे हैं.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

इजरायल और अमेरिका द्वारा शनिवार को ईरान पर किए गए संयुक्त सैन्य हमले ने पूरे पश्चिम एशिया में हालात को बेहद तनावपूर्ण बना दिया है. इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आने के बाद क्षेत्र में संघर्ष और तेज हो गया. खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने तत्काल जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल पर मिसाइल हमले किए और साथ ही यूएई, बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया.

पाकिस्तान और इराक में विरोध

इस घटनाक्रम के बाद सिर्फ मध्य पूर्व ही नहीं, बल्कि कई अन्य देशों में भी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. खासतौर पर पाकिस्तान और इराक में शिया समुदाय के लोगों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं. पाकिस्तान के प्रमुख शहरों इस्लामाबाद, लाहौर और स्कार्दु समेत कई इलाकों में प्रदर्शन हिंसक हो गए. प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका विरोधी नारे लगाए और कई जगहों पर सरकारी और विदेशी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया.

स्थिति तब और बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास से जुड़े कार्यालयों पर हमला कर दिया. इस दौरान तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं. हालात पर काबू पाने के लिए सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा और गोलीबारी की घटनाएं भी हुईं. इन झड़पों में अब तक 35 लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं. लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए अमेरिकी दूतावास ने वीजा और नागरिक सेवाओं से जुड़ी सभी अपॉइंटमेंट्स रद्द कर दी हैं और अपने नागरिकों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है.

खामेनेई की मौत से पाकिस्तान के मनोरंजन जगत में भी शोक का माहौल है. प्रसिद्ध टीवी होस्ट राबिया अनम लाइव कार्यक्रम के दौरान भावुक हो गईं, जबकि अभिनेत्री युमना जैदी ने सोशल मीडिया पर इसे गहरा आघात बताया.

पाकिस्तान की जनता ईरान के समर्थन में

इस बीच, पाकिस्तान की जनता जहां खुलकर ईरान के समर्थन में उतर आई है, वहीं सेना प्रमुख आसिम मुनीर का रुख अमेरिका के पक्ष में माना जा रहा है. दूसरी ओर, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान भी किसी देश के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाना गंभीर मुद्दा है. हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर अमेरिका की आलोचना नहीं की. इस पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर अस्थिरता को और बढ़ा दिया है.

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