पाकिस्तान में सियासी सरगर्मियां एक बार फिर तेज़ हो गई हैं. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के वरिष्ठ नेता गौहर अली खान के ताजा बयान से संकेत मिल रहे हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल से रिहाई जल्द संभव हो सकती है. गौहर ने दावा किया है कि 11 जून को इमरान खान को जमानत मिलने की संभावना है, जिससे सियासी हलकों में खलबली मच गई है.
यह बयान ऐसे समय पर आया है जब इमरान खान ने खुद को PTI का मुख्य संरक्षक घोषित किया है और जेल में रहते हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करने का ऐलान किया है. उनका कहना है कि भले ही वे सलाखों के पीछे हों, लेकिन आवाज़ देशभर में गूंजेगी. इस बीच, कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि उनकी रिहाई के लिए सेना के साथ पर्दे के पीछे बातचीत हो रही है, हालांकि खान ने इस बात का खंडन किया है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भारत के "ऑपरेशन सिंदूर" के बाद पहले से ही आलोचना झेल रहे सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर पर इमरान खान के बढ़ते जन समर्थन और जेल से प्रतिरोध नेतृत्व की घोषणा के बाद दबाव और बढ़ गया है. यह भी माना जा रहा है कि इन हालात में मुनीर को अपने कठोर रुख में नरमी लानी पड़ी है.
इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी के खिलाफ चल रहे अल-कादिर ट्रस्ट मामले में इस्लामाबाद हाईकोर्ट 11 जून को सुनवाई करने जा रही है. गौहर अली खान ने इस तारीख को "निर्णायक दिन" बताया है और कहा है कि खान की आज़ादी को किसी भी समझौते से नहीं जोड़ा जाएगा.
गौरतलब है कि बुशरा बीबी को तोशाखाना मामले में दोषी ठहराते हुए जनवरी 2024 में 14 साल की सजा सुनाई गई थी. उन पर आरोप था कि उन्होंने सरकारी उपहारों को अवैध रूप से अपने पास रखा और उन्हें बेच दिया.
इमरान खान ने जनरल असीम मुनीर पर सीधे तौर पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके निष्कासन और गिरफ्तारी के पीछे सेना प्रमुख की साजिश थी. खान ने यह भी आरोप लगाया कि बुशरा बीबी की 14 महीने तक कैद और जेल में अमानवीय व्यवहार भी मुनीर के इशारे पर किया गया, जो उनके "प्रतिशोधी रवैये" को दर्शाता है. First Updated : Monday, 09 June 2025