नई दिल्ली: अफगानिस्तान की तालिबान सरकार और अमेरिका के बीच बगराम एयरबेस को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है. तालिबान के सूचना और संस्कृति मंत्री मुहाजिर फराही ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बगराम एयरबेस पर फिर से कब्जे के बयान का मजाक उड़ाया है. उन्होंने कहा कि ट्रंप इस बेस को सिर्फ अपने सपने में हासिल कर सकते हैं.
फराही ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिकी सेना का पुराना ठिकाना अब तालिबान के नियंत्रण में है और आगे भी वहीं रहेगा. ट्रंप पिछले कुछ समय से सार्वजनिक मंचों पर यह कहते रहे हैं कि बगराम एयरबेस अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से बहुत जरूरी है और इसे वापस लिया जाना चाहिए. तालिबानी मंत्री के इस जवाब के बाद दोनों देशों के बीच जुबानी तनाव और बढ़ गया है.
बगराम एयरबेस काबुल के उत्तर में स्थित है. इसे पहले सोवियत रूस ने बनवाया था.11 सितंबर 2001 के हमलों के बाद अमेरिकी सेना ने इसे अफगानिस्तान में अपने सबसे बड़े सैन्य अड्डों में से एक बना दिया था. वहीं अगस्त 2021 में जब अमेरिका अफगानिस्तान से वापस लौटा, तो तालिबान ने इस एयरबेस पर कब्जा कर लिया. ट्रंप का तर्क है कि यह बेस चीन के नजदीक है, इसलिए अमेरिका की सुरक्षा और क्षेत्रीय निगरानी के लिए बेहद अहम है. इसी वजह से वह इसे वापस पाने की बात बार-बार दोहराते हैं.
बता दें, फराही ने अपने बयान के बीच पाकिस्तान को भी आड़े हाथों ले लिया है. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान किसी भी बाहरी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है और अपनी संप्रभुता की रक्षा हर कीमत पर करेगा. पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव बढ़ा हुआ है. अफगानिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तान के हवाई हमलों में 38 नागरिक मारे गए हैं और 163 लोग घायल हुए हैं, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. वहीं पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसने सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और इन हमलों में 29 आतंकी मारे गए.
पाकिस्तान से तनाव के बीच तालिबान ने भारत को लेकर अपना रुख भी साफ किया है. फराही ने कहा कि अफगानिस्तान की विदेश नीति सिर्फ देशहित को ध्यान में रखकर बनती है. उन्होंने कहा, "ऐतिहासिक रूप से भारत के साथ हमारे अच्छे संबंध रहे हैं. कोई हमें यह नहीं बता सकता कि हमें किससे दोस्ती करनी है और किससे नहीं.
हम भारत के साथ व्यापारिक और अच्छे संबंध चाहते हैं." फिलहाल बगराम एयरबेस को लेकर अमेरिका और तालिबान के बीच बयानबाजी तेज है. वहीं क्षेत्र में पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव और भारत के साथ बढ़ती नजदीकी के कारण दक्षिण एशिया की राजनीति में नए समीकरण बनते दिख रहे हैं. First Updated : Tuesday, 07 July 2026