बांग्लादेश में शेख हसीना विरोधी आंदोलन की वर्षगांठ पर आयोजित रैली में धमाका, मंच के पास विस्फोट से मची भगदड़
ढाका के पास आयोजित राष्ट्रीय नागरिक पार्टी (एनसीपी) की एक रैली के दौरान हुए अचानक धमाके ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी. घटना उस समय हुई, जब पार्टी का एक वरिष्ठ नेता मंच से समर्थकों को संबोधित कर रहा था.

ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका के पास स्थित सावर में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब राष्ट्रीय नागरिक पार्टी (एनसीपी) की एक रैली के दौरान अचानक जोरदार धमाका हो गया. घटना उस समय हुई, जब पार्टी का एक वरिष्ठ नेता मंच से समर्थकों को संबोधित कर रहा था. धमाके की आवाज सुनते ही कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच भगदड़ मच गई और हर कोई सुरक्षित जगह की ओर भागने लगा. शुरुआती जानकारी के अनुसार इस घटना में कम से कम तीन लोग घायल हुए हैं. घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मंच के सामने अचानक हुए विस्फोट के बाद लोगों में मची अफरा-तफरी साफ दिखाई दे रही है.
जानकारी के मुताबिक यह रैली सावर थाना स्टैंड स्थित ईदगाह मैदान में आयोजित की गई थी. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे. भाषण के दौरान अचानक मंच के पास भीड़ के बीच जोरदार धमाका हुआ, जिससे कुछ देर के लिए पूरे इलाके में दहशत फैल गई. घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद लोगों ने घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, जबकि कई लोग अपनी जान बचाने के लिए मौके से निकल गए. प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां भी सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंच गईं.
एनसीपी ने लगाया हमले का आरोप
राष्ट्रीय नागरिक पार्टी ने इस घटना को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी ने अपने बयान में दावा किया कि सोमवार रात करीब 9:45 बजे रैली के दौरान बम विस्फोट किया गया. एनसीपी ने इसे आतंकवादी हमला बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. हालांकि पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने अभी तक किसी भी संगठन या व्यक्ति की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही विस्फोट की असली वजह सामने आएगी.
शेख हसीना विरोधी आंदोलन की वर्षगांठ पर था कार्यक्रम
बताया जा रहा है कि यह रैली बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ हुए छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित की गई थी. यह आयोजन एनसीपी के राजनीतिक अभियान का हिस्सा था, जिसमें बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए थे. कार्यक्रम का उद्देश्य आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना और पार्टी का संदेश लोगों तक पहुंचाना था, लेकिन अचानक हुए धमाके ने पूरे आयोजन का माहौल बदल दिया.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे नए सवाल
इस घटना के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक सभाओं की सुरक्षा को लेकर फिर बहस शुरू हो गई है. जिस तरह भीड़ के बीच धमाका हुआ, उससे सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विस्फोट किसी तकनीकी कारण से हुआ या यह सुनियोजित हमला था. जांच एजेंसियां घटनास्थल से सबूत जुटा रही हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही हैं. घायलों का इलाज कराया जा रहा है, लेकिन उनकी स्थिति को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
कुछ दिन पहले फैक्ट्री में आग से हुई थी बड़ी त्रासदी
यह घटना ऐसे समय हुई है जब हाल ही में ढाका के पास केरानीगंज के कदमतली इलाके में एक गैस लाइटर बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लगने से पांच लोगों की मौत हो गई थी. दमकल विभाग के अनुसार आग लगने के बाद सात फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को मौके पर भेजा गया था. कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. बचाव अभियान के दौरान पांच लोगों के शव बरामद किए गए, हालांकि उनकी पहचान तुरंत नहीं हो सकी. प्रशासन ने उस हादसे के कारणों की जांच भी शुरू कर दी है.
जांच जारी, प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने की अपील की
रैली में हुए विस्फोट के बाद पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं. अधिकारी सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रहे हैं ताकि घटना की वास्तविक वजह सामने आ सके. फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है. जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इस धमाके के पीछे क्या कारण था और इसके लिए कौन जिम्मेदार है.


