ढाका में गूंजा राम प्रतिमा बनाओ का नारा, कट्टरपंथी समूहों के विरोध के खिलाफ सड़कों पर उतरे छात्र और हिंदू समुदाय

बांग्लादेश में भगवान राम की 81 फीट ऊंची प्रतिमा के निर्माण को लेकर विवाद बढ़ गया है. कट्टरपंथी समूहों के विरोध और धमकियों के बाद काम रोक दिया गया, जिसके खिलाफ ढाका में हिंदू समुदाय और छात्रों ने प्रदर्शन किया.

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नई दिल्ली: बांग्लादेश में भगवान राम की एक विशाल प्रतिमा के निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. राजधानी ढाका में हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय और ढाका विश्वविद्यालय के कई छात्रों ने प्रदर्शन कर निर्माण कार्य को दोबारा शुरू करने की मांग उठाई. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कुछ कट्टरपंथी समूहों के दबाव और धमकियों के कारण इस महत्वपूर्ण परियोजना को रोकना पड़ा है.

81 फीट ऊंची प्रतिमा पर छिड़ा विवाद

यह प्रतिमा गाइबांधा जिले के पलाशबाड़ी उपजिला में बनाई जा रही है. प्रस्तावित 81 फीट ऊंची यह मूर्ति भगवान राम की बांग्लादेश में सबसे बड़ी प्रतिमा मानी जा रही है. हालांकि, हाल के दिनों में परियोजना के खिलाफ विरोध बढ़ने के बाद निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोक दिया गया है.

प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े इस प्रोजेक्ट को बाधित करना उचित नहीं है. उन्होंने सरकार से निर्माण कार्य को सुरक्षित माहौल में पूरा कराने की मांग की है.

मंदिर समिति ने जताई चिंता

कोमोरपुर स्थित श्री श्री राधा गोविंदा मंदिर की समिति से जुड़े लोगों के अनुसार प्रतिमा का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. समिति का दावा है कि करीब 80 प्रतिशत काम समाप्त हो चुका है, लेकिन बढ़ते तनाव और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण काम रोकना पड़ा.

समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि कुछ संगठनों की ओर से लगातार विरोध किया जा रहा है, जिससे परियोजना से जुड़े लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. उन्होंने सरकार और प्रशासन से सहयोग की अपील की है ताकि शेष कार्य बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके.

अल्पसंख्यक संगठनों ने उठाई आवाज

बांग्लादेश के कई अल्पसंख्यक संगठनों ने भी इस मामले पर चिंता जताई है. उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों और आस्था से जुड़ी परियोजनाओं को लेकर किसी भी प्रकार का डर या दबाव नहीं होना चाहिए. उन्होंने सरकार से सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग की है.

सरकार से हस्तक्षेप की मांग

प्रदर्शनकारियों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से अपील की है कि वह सभी समुदायों की धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करे. उनका मानना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो इससे सामाजिक सौहार्द पर असर पड़ सकता है. फिलहाल, भगवान राम की इस प्रतिमा का निर्माण कार्य रुका हुआ है, जबकि इसके समर्थन और विरोध में आवाजें लगातार तेज होती जा रही हैं. अब सबकी निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं. First Updated : Wednesday, 17 June 2026

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