नई दिल्ली: 17 फरवरी 2026 को ढाका में बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ. बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरमैन तारिक रहमान ने देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने संसद भवन के साउथ प्लाजा में उन्हें पद की शपथ दिलाई. यह 2024 के छात्र आंदोलन के बाद पहली चुनी हुई सरकार है.
तारिक रहमान 17 साल के निर्वासन के बाद वापस लौटे और 12 फरवरी के चुनाव में बीएनपी को भारी बहुमत दिलाया. बीएनपी ने 209 सीटें जीतीं, जबकि जमात-ए-इस्लामी ने 68 सीटें हासिल की. यह 35 साल बाद बांग्लादेश को कोई पुरुष प्रधानमंत्री मिला है.
शपथ ग्रहण में तारिक रहमान के साथ 25 कैबिनेट मंत्री और 24 राज्य मंत्री भी शामिल हुए. कैबिनेट में 17 नए चेहरे हैं और राज्य मंत्रियों में 24 नए हैं. एक हिंदू मंत्री भी कैबिनेट में जगह बना सके हैं. तारिक रहमान खुद पहली बार किसी मंत्रिमंडल में शामिल हो रहे हैं.
शपथ समारोह में भारत की ओर से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला शामिल हुए. विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी मौजूद रहे. ओम बिरला ने सोशल मीडिया पर लिखा कि तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई सरकार के शपथ ग्रहण में भारत का प्रतिनिधित्व करना सम्मान की बात है.
यह दोनों देशों के बीच जन-संबंधों और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निमंत्रण मिला था, लेकिन वे मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बैठक में व्यस्त थे, इसलिए नहीं जा सके.
चुनाव के साथ 'जुलाई चार्टर' पर जनमत संग्रह हुआ था, जिसमें 62% लोगों ने हां कहा. चार्टर के अनुसार संसद 180 दिनों तक संविधान सभा की तरह काम करेगी. इसका लक्ष्य सत्ता का एकाधिकार खत्म करना, प्रधानमंत्री की शक्तियां कम करना और राष्ट्रपति को अधिक अधिकार देना है.
बीएनपी ने चार्टर पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन अब कई प्रावधानों पर आपत्ति जता रही है. पार्टी का कहना है कि चार्टर बनाते समय उनसे सलाह नहीं ली गई. इस मुद्दे पर राजनीतिक विवाद बढ़ रहा है. First Updated : Tuesday, 17 February 2026