Canada-India relations: भारत और कनाडा के द्विपक्षीय संबंधों में हाल ही में आई गिरावट पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने अहम बयान दिया. मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस गिरावट का मुख्य कारण कनाडा में अतिवादी और अलगाववादी तत्वों को दी गई खुली छूट है. उन्होंने आशा व्यक्त की कि दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और संवेदनशीलता के आधार पर रिश्तों को फिर से मजबूत किया जा सकेगा. यह बयान कनाडा में प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के स्थान पर मार्क कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद आया.
विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि कनाडा ने भारत और भारतीय राजनयिकों के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों का कोई ठोस प्रमाण नहीं पेश किया है. इसके बाद दोनों देशों ने एक दूसरे के राजनयिकों को वापस बुला लिया. इस राजनीतिक बदलाव के बाद, भारत में उम्मीद जगी है कि प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के नेतृत्व में कनाडा भारत के साथ अपने रिश्तों को फिर से बेहतर करेगा.
कार्नी ने प्रधानमंत्री बनने से पहले यह कहा था कि कनाडा भारत के साथ अपने संबंधों को पुनः सामान्य बनाएगा और व्यापारिक संबंधों में विविधता लाने की कोशिश करेगा. इसके अलावा, उन्होंने भारत-कनाडा संबंधों को सुलझाने के अवसरों की बात भी की थी.
मार्क कार्नी ने भारतीय-कनाडाई समुदाय से जुड़ी अनीता आनंद और कमल खेड़ा को अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया है. अनीता आनंद को नवाचार, विज्ञान और उद्योग मंत्री बनाया गया है, जबकि कमल खेड़ा को स्वास्थ्य मंत्री नियुक्त किया गया है. ये नियुक्तियां कनाडा और भारत के रिश्तों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं, क्योंकि दोनों नेता भारतीय समुदाय से हैं और भारतीय पृष्ठभूमि से जुड़े हुए हैं. First Updated : Friday, 21 March 2025