ईरान की धमकी के बाद होर्मुज में बड़ा धमाका, जहाजों की आवाजाही पर रोक, UN की मैरीटाइम एजेंसी ने खड़े किए हाथ

होर्मुज स्ट्रेट में एक मालवाहक जहाज पर मिसाइल या ड्रोन हमले के बाद तनाव बढ़ गया है. इसके चलते संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी ने क्षेत्र में फंसे जहाजों और नाविकों को बाहर निकालने का अपना विशेष अभियान तुरंत रोक दिया है.

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नई दिल्ली: विश्व व्यापार के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग, होर्मुज स्ट्रेट में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. ओमान के तट के करीब एक वाणिज्यिक मालवाहक जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या ड्रोन) से हुए हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक समुद्री एजेंसी, अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन  ने क्षेत्र में फंसे जहाजों और नाविकों को बाहर निकालने का अपना विशेष अभियान तत्काल प्रभाव से रोक दिया है. यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब कुछ ही घंटे पहले ईरान ने सख्त लहजे में चेतावनी दी थी कि तेहरान की अनुमति के बिना किसी भी नए समुद्री मार्ग का उपयोग न किया जाए.

सुरक्षा गारंटी मिलने तक रुका रहेगा रेस्क्यू ऑपरेशन

IMO के सेक्रेटरी जनरल आर्सेनियो डोमिंगुएज ने अभियान रोकने की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि जब तक एजेंसी को जहाजों और उनके चालक दल की सुरक्षा को लेकर ठोस और पुख्ता भरोसा नहीं मिल जाता, तब तक यह निकासी अभियान स्थगित रहेगा. उन्होंने कहा कि यह सुरक्षा आश्वासन केवल निकासी सूची में शामिल जहाजों के लिए ही नहीं, बल्कि इस पूरे समुद्री क्षेत्र से गुजरने वाले अन्य सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए भी बेहद जरूरी है. इसके साथ ही डोमिंगुएज ने यह भी साफ किया कि जिस जहाज को निशाना बनाया गया है, वह IMO के इस आधिकारिक निकासी अभियान का हिस्सा नहीं था.

जहाज को नुकसान

ब्रिटिश सेना के अंतर्गत काम करने वाले 'यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस' सेंटर के अनुसार, यह हमला ओमान के मुसंडम प्रायद्वीप के पास डाहीट से करीब 7.5 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व में हुआ. प्रोजेक्टाइल हमले के कारण जहाज के डेक और ऊपरी हिस्से को नुकसान पहुंचा है. राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी भी क्रू मेंबर के घायल होने या किसी प्रकार के नुकसान (तेल रिसाव) की कोई खबर नहीं है. फिलहाल हमले की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है और न ही जहाज की विस्तृत पहचान को लेकर आधिकारिक पुष्टि की गई है.

ईरान की चेतावनी और नए रूट का विवाद

इस हमले के फौरन बाद स्ट्रेट में शिपिंग गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए बनाई गई ईरान की नई एजेंसी 'पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी' ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक बयान जारी किया. एजेंसी ने कहा कि यदि कोई भी जहाज तयशुदा पारंपरिक रूट से बाहर जाकर यात्रा करता है, तो उसे सुरक्षित आवागमन की कोई गारंटी नहीं दी जाएगी.

कच्चा तेल और गैस की सप्लाई

जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए यह वैकल्पिक मार्ग ओमान और IMO ने मिलकर तैयार किया था. हमले से ठीक पहले, 'स्टोइक वॉरियर' नामक जहाज की अगुवाई में तेल टैंकरों का एक बड़ा बेड़ा संयुक्त अरब अमीरात और ओमान के तटों के साथ-साथ इसी नए रूट से आगे बढ़ा था. इस नए कॉरिडोर के ठीक उत्तर में वह पुराना मूल मार्ग है, जहां से युद्ध की स्थिति पैदा होने से पहले दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत (पांचवां हिस्सा) कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस स्वतंत्र रूप से सप्लाई की जाती थी. इस ताजा हमले ने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार तंत्र के सामने एक बार फिर गंभीर संकट खड़ा कर दिया है. First Updated : Friday, 26 June 2026