क्या शुरू होने वाली है अगली बड़ी जंग ताइवान के चारों ओर चीन का सैन्य घेरा, अमेरिका भी हुआ अलर्ट

ईरान से जुड़े तनाव के बीच अब ताइवान पर चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. ताइवान के चारों ओर 5-6 चीनी युद्धपोतों की लगातार तैनाती को विशेषज्ञ संभावित सैन्य दबाव और भविष्य की युद्ध तैयारी का संकेत मान रहे हैं.

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नई दिल्ली: दुनिया में ईरान से जुड़े तनाव के बीच अब एशिया के एक और संवेदनशील क्षेत्र ताइवान पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें टिक गई हैं. पिछले कुछ वर्षों में चीन ने ताइवान के आसपास अपनी सैन्य गतिविधियों को तेजी से बढ़ाया है. हालात ऐसे बन गए हैं कि अब ताइवान के चारों ओर लगभग हर समय चीनी नौसेना के कई युद्धपोत तैनात रहते हैं. विशेषज्ञ इसे केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि भविष्य की रणनीतिक तैयारी के तौर पर देख रहे हैं.

ताइवान के चारों ओर बढ़ी चीन की सैन्य मौजूदगी

चीन ने एक ही बार में ताइवान को नहीं घेरा, बल्कि चरणबद्ध तरीके से अपनी सैन्य उपस्थिति मजबूत की है. वर्ष 2020 में ताइवान स्ट्रेट में नियमित नौसैनिक गश्त शुरू की गई थी. इसके बाद उत्तर और दक्षिणी तट के पास अतिरिक्त युद्धपोत तैनात किए गए.

साल 2022 में चीन ने ताइवान के पूर्वी तट के निकट भी स्थायी नौसैनिक मौजूदगी स्थापित कर ली. इसके बाद से युद्धपोतों की संख्या लगातार बढ़ती गई और अब आम तौर पर 5 से 6 चीनी युद्धपोत ताइवान के आसपास सक्रिय रहते हैं.

बड़े युद्धपोतों पर बढ़ा भरोसा

विशेषज्ञों के अनुसार चीन अब छोटे जहाजों की बजाय अत्याधुनिक गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर का इस्तेमाल कर रहा है. इससे यह संकेत मिलता है कि बीजिंग केवल दबाव बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसी संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए भी तैयारी कर रहा है. आधुनिक युद्धपोतों की तैनाती चीन की समुद्री शक्ति को और मजबूत बनाती है.

खुफिया जानकारी जुटाने पर फोकस

ताइवान के पूर्वी समुद्री क्षेत्र में लगातार मौजूद रहकर चीन समुद्र की गहराई, समुद्री मार्गों और रणनीतिक स्थानों की जानकारी एकत्र कर रहा है. इसके अलावा वह ताइवान की सैन्य गतिविधियों, संचार नेटवर्क और सुरक्षा व्यवस्था पर भी नजर बनाए हुए है. ऐसी जानकारी किसी भी संभावित सैन्य अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.

अमेरिका और सहयोगियों के लिए चुनौती

ताइवान के पूर्वी हिस्से में कई महत्वपूर्ण सैन्य एयरबेस मौजूद हैं. चीन इन क्षेत्रों के आसपास अपनी नौसैनिक मौजूदगी बढ़ाकर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के युद्धपोतों तथा पनडुब्बियों की पहुंच को सीमित करना चाहता है. माना जा रहा है कि यह रणनीति ताइवान को बाहरी सैन्य सहायता से दूर रखने के उद्देश्य से अपनाई जा रही है.

बढ़ रहा है क्षेत्रीय तनाव

चीन लगातार ताइवान स्ट्रेट की मध्य रेखा के आसपास सैन्य उड़ानें और नौसैनिक गतिविधियां बढ़ा रहा है. जानकारों का मानना है कि बीजिंग बिना प्रत्यक्ष युद्ध शुरू किए ताइवान पर मनोवैज्ञानिक और सामरिक दबाव बना रहा है. यही वजह है कि ताइवान को लेकर एशिया में तनाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है और दुनिया की नजरें अब इस क्षेत्र पर टिकी हुई हैं. First Updated : Saturday, 20 June 2026