अब सीमा तक नहीं रहेगा संघर्ष? पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने दी कोलकाता में हमला करने की धमकी

पड़ोसी देश के रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी है कि भविष्य में संघर्ष सीमा तक सीमित नहीं रहेगा और अंदरूनी शहरों तक पहुंच सकता है. इसके जवाब में भारत ने भी कड़ा रुख अपनाया, जिससे तनाव और बढ़ गया है.

Shraddha Mishra

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है, और इस बार चर्चा का केंद्र कोलकाता बन गया है. पड़ोसी देश की ओर से दी गई नई चेतावनी दी गई है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में एक बयान में कहा कि अगर भविष्य में दोनों देशों के बीच टकराव होता है, तो वह केवल सीमा तक सीमित नहीं रहेगा. उन्होंने संकेत दिया कि संघर्ष भारत के अंदरूनी शहरों तक फैल सकता है और कोलकाता का नाम भी लिया.

सियालकोट में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत किसी तरह की झूठी कार्रवाई की योजना बना सकता है. उनका कहना था कि ऐसे किसी प्रयास का जवाब कड़ा दिया जाएगा, हालांकि उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया.

संघर्ष को और व्यापक बनाने की बात

रक्षा मंत्री ने कहा कि अगर हालात बिगड़ते हैं, तो इस बार प्रतिक्रिया पहले से ज्यादा बड़ी होगी. उनके अनुसार, टकराव केवल सीमावर्ती क्षेत्रों तक नहीं रहेगा, बल्कि विरोधी के अंदर तक पहुंच सकता है. इस तरह के बयान पहले भी दिए जा चुके हैं, जिनमें संघर्ष के दायरे को बढ़ाने की बात कही गई थी. हालांकि जमीनी स्तर पर किसी बड़े बदलाव की पुष्टि नहीं हुई है.

भारत का सख्त संदेश

इन चेतावनियों के बीच भारत की ओर से भी स्पष्ट संकेत दिए गए हैं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि किसी भी तरह की उकसाने वाली कार्रवाई का जवाब बेहद सख्ती से दिया जाएगा. उन्होंने पिछले वर्ष हुए पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा. उनका कहना था कि अगर ऐसी घटनाएं दोहराई जाती हैं, तो जवाब ऐसा होगा जो लंबे समय तक याद रखा जाएगा.

पहलगाम घटना से शुरू हुआ तनाव

दोनों देशों के बीच मौजूदा तनाव की शुरुआत 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम हमले के बाद हुई थी. इस घटना में कई लोगों की जान गई थी, जिसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां तेज हो गई थीं. भारत ने इसके जवाब में सीमा पार ठिकानों पर कार्रवाई की, जबकि पाकिस्तान ने भी जवाबी कदम उठाए. कुछ दिनों तक हालात बेहद तनावपूर्ण रहे, लेकिन बाद में बातचीत के जरिए स्थिति को नियंत्रित किया गया और युद्धविराम लागू हुआ.

पूर्व राजनयिक के बयान से बढ़ा विवाद

इस बीच, पाकिस्तान के एक पूर्व उच्चायुक्त के बयान ने भी विवाद को जन्म दिया. उन्होंने एक काल्पनिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा था कि यदि उनके देश पर हमला होता है, तो भारत के बड़े शहरों को निशाना बनाया जा सकता है. हालांकि बाद में उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा परिदृश्य वास्तविकता में नहीं होना चाहिए और दोनों देशों को शांति बनाए रखनी चाहिए.

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