नई दिल्ली: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर एक बार फिर राजनीतिक अस्थिरता का खतरा गहराने लगा है. मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बनी सरकार को समर्थन देने वाले संगठन ‘इंकलाब मंच’ ने अब उसी सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ने के संकेत दिए हैं. संगठन की ओर से दी गई चेतावनी के बाद ढाका की सियासत में हलचल तेज हो गई है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंकलाब मंच ने साफ किया है कि यदि उसकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो वह यूनुस प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतर सकता है. यह पूरा विवाद संगठन के प्रवक्ता उस्मान हादी की हत्या और उसके आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से जुड़ा हुआ है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, इंकलाब मंच की ओर से रविवार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया था. हालांकि इस दौरान पुलिस की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. संगठन के पदाधिकारी अब्दुल्ला अल जाबर ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर गृह सलाहकार या संबंधित अधिकारियों की तरफ से कोई प्रत्यक्ष कदम लिए बगैर डेडलाइन गुजर गई.
उन्होंने यह भी बताया कि सोमवार दोपहर 3 बजे से ढाका में विरोध प्रदर्शन शुरू करने की योजना बनाई गई थी, जिसमें यह तय किया जाना था कि यूनुस प्रशासन का समर्थन जारी रखा जाए या फिर उसे हटाने के लिए आंदोलन की शुरुआत की जाए.
इंकलाब मंच ने आरोप लगाया कि हाल ही में मंत्रालय की एक ब्रीफिंग में गृह सलाहकार और उनके विशेष सचिव की अनुपस्थिति इस गंभीर मामले को कमतर दिखाने की कोशिश थी. संगठन का कहना है कि इससे सरकार की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं.
इसी बीच बांग्लादेश के दक्षिण-पश्चिमी शहर खुलना से एक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है. सोमवार को अज्ञात हमलावरों ने 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले हिंसक आंदोलन से जुड़े नेता मोहम्मद मोतालेब सिकदर पर गोली चलाई. यह घटना प्रमुख युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के कुछ ही दिनों बाद हुई है.
नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) की संयुक्त प्रधान समन्वयक महमूदा मितु ने फेसबुक पोस्ट के जरिए इस घटना की जानकारी दी. उन्होंने लिखा कि एनसीपी के खुलना डिवीजन के प्रमुख और पार्टी के कार्यकर्ता मोर्चे के केंद्रीय समन्वयक मोहम्मद मोतालेब सिकदर को कुछ मिनट पहले गोली मार दी गई. मितु ने बताया कि सिकदर को गंभीर हालत में खुलना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
गौरतलब है कि शरीफ उस्मान हादी की सिंगापुर में इलाज के दौरान मौत हो गई थी. वह 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों में उम्मीदवार थे. उनकी मौत के बाद मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने शनिवार को देशभर में शोक दिवस मनाया था और आश्वासन दिया था कि दोषियों को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे.
हादी पर हमले और बाद में उनकी मौत के बाद ढाका समेत कई प्रमुख शहरों में हिंसा दोबारा भड़क उठी. मौजूदा हालात को देखते हुए बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के सामने कानून-व्यवस्था और राजनीतिक स्थिरता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है.
First Updated : Tuesday, 23 December 2025