ट्रंप का दावा: ईरान ने बुलाई बैठक, मंगलवार को दोहा में होगी अमेरिका-ईरान बातचीत

80 साल के रिपब्लिकन नेता ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर बड़े अक्षरों में पोस्ट किया, ईरान ने बैठक का अनुरोध किया है। यह कल दोहा में होगी। यह बैठक होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी विवाद पर केंद्रित होगी।

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नई दिल्ली: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच मंगलवार को कतर के दोहा में बातचीत होगी। ट्रंप ने कहा कि यह बैठक खुद ईरान ने मांगी थी। यह ऐलान होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़े तनाव के बीच आया है। हाल ही में ओमान के पास एक कंटेनर जहाज पर ईरान के ड्रोन हमले के बाद दोनों देशों के बीच हालात बिगड़े थे।  

ट्रुथ सोशल पर बड़े अक्षरों में किया ऐलान   

80 साल के रिपब्लिकन नेता ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर बड़े अक्षरों में पोस्ट किया, "ईरान ने बैठक का अनुरोध किया है। यह कल दोहा में होगी।" यह बैठक होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी विवाद पर केंद्रित होगी। यह जलमार्ग अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से तनाव की वजह रहा है।  

होर्मुज पर नियंत्रण चाहता है ईरान, अमेरिका खुला रखना चाहता है रास्ता    

ईरान इस अहम जलमार्ग पर अपना कंट्रोल चाहता है, जबकि वॉशिंगटन का जोर है कि होर्मुज हर हाल में खुला रहे। पिछले हफ्ते ईरान ने होर्मुज से गुजर रहे एक कंटेनर जहाज को निशाना बनाया था। जवाब में अमेरिका ने ईरान के मिसाइल, ड्रोन और रडार ठिकानों पर हमला किया। इसके बाद तेहरान ने भी पलटवार किया।  

हालांकि 'एक्सियोस' से बात करते हुए एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि फिलहाल दोनों पक्ष पीछे हटने को तैयार हो गए हैं। अधिकारी के मुताबिक अब जहाज "आसानी से" आ-जा सकते हैं।  

बैठक में कौन होगा शामिल, अभी साफ नहीं   

फिलहाल यह तय नहीं है कि दोहा में होने वाली बातचीत में दोनों देशों का नेतृत्व कौन करेगा। होर्मुज वैश्विक सप्लाई चेन के लिए बेहद जरूरी है। दुनिया का करीब पांचवां हिस्सा कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है।  

शांति समझौते के तहत दोनों पक्ष होर्मुज में ट्रैफिक के लिए "हॉटलाइन" बनाने पर राजी हुए थे। लेकिन शनिवार तक यह शुरू नहीं हुई थी, जबकि ईरान दावा कर रहा था कि जहाज गुजर रहे हैं।  

ईरान-ओमान ने की संयुक्त समिति की पहली बैठक   

इससे पहले सोमवार को ईरान ने बताया कि उसने होर्मुज के प्रबंधन पर ओमान के साथ बैठक की। ईरान और ओमान दोनों की सीमा होर्मुज से लगती है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ये देश आवाजाही नहीं रोक सकते या टोल नहीं वसूल सकते।  

ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने 'X' पर लिखा, "मस्कट यात्रा के दौरान संयुक्त होर्मुज समिति की पहली बैठक हुई। जलडमरूमध्य से जुड़े मौजूदा मुद्दों पर बात हुई और भविष्य के प्रबंधन पर राय ली गई।"  

एक्सपर्ट मानते हैं कि ईरान होर्मुज पर दबदबा बनाए रखना चाहता है। लंदन के थिंक टैंक 'रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूट' के एच.ए. हेलेयर ने कहा कि ईरान के लिए जलडमरूमध्य में नियंत्रित दबाव के साथ लंबी बातचीत फायदेमंद हो सकती है।   First Updated : Monday, 29 June 2026