नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधे चेतावनी दी है। बुधवार को नाटो समिट के दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका आज रात ईरान पर "बहुत ज़ोरदार" हमला करेगा। ये बयान उन्होंने खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर हुए हमलों के बाद सीज़फायर खत्म करने का ऐलान करने के कुछ घंटे बाद दिया।
तुर्की के अंकारा में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "हमने कल रात उन पर बहुत ज़ोरदार हमला किया। बहुत ज़ोरदार। और हम शायद आज रात भी वही करेंगे। मैं उन्हें बस थोड़ी चेतावनी दे रहा हूं।"
उन्होंने ईरान पर जहाज़ों पर ड्रोन और मिसाइलें दागने का आरोप लगाते हुए कहा, "वे बहुत बुरा बर्ताव कर रहे हैं।" ट्रंप के मुताबिक अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में तेहरान के हमलों का जवाब दे रहा है। अमेरिका ने इसके जवाब में बंदर अब्बास, सिरिक और केशम द्वीप पर ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया था।
ट्रंप ने कहा कि पूरी लड़ाई का मकसद ईरान को परमाणु-मुक्त करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान बातचीत में तो हर बात मान लेता है, लेकिन बाहर आकर मुकर जाता है।
ट्रंप ने कहा, "वे कमरे में बैठकर हर बात पर हां कहते हैं। फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस में जाकर कहते हैं कि हमने कभी ऐसी बात ही नहीं की। ये लोग सनकी हैं। 47 सालों से ये मिडिल ईस्ट में दादागिरी कर रहे थे। अब नहीं कर सकते। हम बस इतना चाहते हैं कि उनके पास परमाणु हथियार न हों। इसी के लिए मैं वहां हूं।"
दिन में पहले ट्रंप ने ये भी कहा कि ईरान के साथ हुआ अंतरिम समझौता ज्ञापन यानी MoU अब "खत्म" हो चुका है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि अमेरिका डिप्लोमैटिक चैनल पूरी तरह बंद नहीं करेगा और बातचीत का दरवाजा खुला रहेगा।
पिछले 24 घंटे में दोनों देशों के बीच तनाव तेजी से बढ़ा है। ईरान द्वारा खाड़ी में अमेरिकी जहाज़ों को निशाना बनाए जाने के बाद अमेरिका ने पलटवार किया। अब ट्रंप के नए बयान के बाद इलाके में एक बार फिर जंग का खतरा बढ़ गया है।
व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने कहा है कि सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है। वहीं ईरान की तरफ से अब तक ट्रंप की इस धमकी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आज रात हमला होता है तो ये सीज़फायर टूटने के बाद का सबसे बड़ा सैन्य एक्शन होगा। First Updated : Wednesday, 08 July 2026