वरना खेल खत्म...! ट्रंप ने ईरान को दी आखरी चेतावनी, बुधवार तक का दिया टाइम
उन्होंने दावा करते हुए कहा, "हो सकता है कि युद्ध को मैं आगे न बढ़ाऊं, लेकिन (ईरानी बंदरगाहों पर) नाकेबंदी जारी रहेगी और दुर्भाग्य से हमें ईरान पर फिर से बम गिराना शुरू करना पड़ेगा।"

नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (17 अप्रैल 2026) को चेतावनी दी कि यदि आने वाले बुधवार तक दुश्मनी खत्म करने के लिए कोई बड़ा समझौता नहीं हुआ, तो फिर ईरान के साथ सीज़फ़ायर खत्म किया जा सकता है। इस बयान के साथ ही खाड़ी क्षेत्र में लगातार तनाव के बीच युद्ध को फिर शुरू किए जाने के संकेत मिल रहे हैं।
ट्रंप की ईरान को आखरी चेतावनी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार फीनिक्स, एरिजोना से वॉशिंगटन लौटते वक्त एयर फोर्स वन में मीडिया से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने सीज़फ़ायर को आगे बढ़ाने को लेकर फिर एक बार अनिश्चितता जताई। इस दौरान उन्होंने दावा करते हुए कहा, "हो सकता है कि युद्ध को मैं आगे न बढ़ाऊं, लेकिन (ईरानी बंदरगाहों पर) नाकेबंदी जारी रहेगी और दुर्भाग्य से हमें ईरान पर फिर से बम गिराना शुरू करना पड़ेगा।"
दरअसल यह टिप्पणियां अमेरिका और ईरान के बीच रुकी हुई राजनीतिक तथा कूटनीतिक कोशिशों की पृष्ठभूमि में आई हैं, जिसमें बीते कुछ दिनों से पाकिस्तान में हुई हालिया अप्रत्यक्ष बातचीत का एक दौर भी शामिल है, हालांकि उससे कोई खास नतीजा नहीं निकला।
बातचीत के जरिए तनाव कम करने की कोशिश
हालांकि, तमाम तरह की गर्मागर्मी के बीच पर्दे के पीछे की बातचीत से तनाव कम होने की उम्मीद अभी भी दोनों पक्षों की ओर से बरकरार है, लेकिन इसके बावजूद भी दोनों ही पक्ष कई अहम मुद्दों पर बंटे हुए दिखाई दे रहे हैं, जिनमें प्रतिबंधों में राहत, परमाणु प्रतिबद्धताएं तथा समुद्री सुरक्षा शामिल हैं।
असल में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास चल रहे तनाव ने स्थिति को सबसे ज्यादा जटिल बना रखा है। यह एक अहम वैश्विक ऊर्जा गलियारा है, जिसके जरिए ही दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस की शिपमेंट होती है। यही कारण है अमेरिका और ईरान दोनों ही देशों के लिए यह खास और जरूरी है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर दोनों देशों के विभाजित बयान
गौरतलब है कि अमेरिका ने कई बार यह दावा किया है कि यह जलमार्ग "खुला" है और जहाज़ों के आने-जाने के लिए पूर्ण रूप से सुरक्षित है, मगर ईरान ने भी इस दौरान बार-बार चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका का दबाव जारी रहा, तो इस जलमार्ग को सीमित कर दिया जाएगा। हालांकि, ईरान ने बार-बार यह भी दावा किया है कि अमेरिका, इजराइल और उसके सहयोगी देशों के अतिरिक्त पूरी दुनिया के लिए यह मार्ग खुला है।


