नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद भी, दोनों देशों के बीच जुबानी जंग और तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमला बोलते हुए कहा कि इस युद्ध ने ईरान को खत्म कर दिया है. ट्रंप ने कहा कि इस समझौते के बदले में अमेरिका, ईरान को कोई वित्तीय राहत नहीं देगा.
ईरान के पास कुछ नहीं बचा
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सिलसिलेवार पोस्ट साझा कर राजनीतिक विरोधियों की आलोचनाओं का जवाब दिया. उन्होंने तर्क दिया कि हालिया सैन्य टकराव ने ईरान की सामरिक क्षमता को नुकसान पहुंचाया है. ट्रंप ने लिखा, इस युद्ध ने ईरान को कमजोर कर दिया है। अब उसके पास न तो कोई वायुसेना बची है, न नौसेना, न ही एंटी-एयरक्राफ्ट उपकरण या रडार।अब ईरान के पास कुछ भी नहीं बचा है.
डेमोक्रेट्स पर साधा निशाना
ट्रंप ने अमेरिकी राजनीति में अपने प्रतिद्वंद्वी डेमोक्रेट्स पर भी तंज कसा. उन्होंने विपक्षी नेताओं के उन बयानों का मजाक उड़ाया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि इस डील के बाद ईरान मजबूत स्थिति में आ गया है. ट्रंप ने भड़कते हुए पूछा, फिर भी डेमोक्रेट्स का कहना है कि ईरान चार महीने पहले की तुलना में अब बेहतर स्थिति में है. क्या आप इस तरह के बयानों की कल्पना कर सकते हैं? कुछ लोग आखिर कितने मूर्ख हो सकते हैं?
मोजतबा खामेनेई के बयान पर पलटवार
प्रस्तावित समझौते पर हस्ताक्षर के बाद अपने पहले संबोधन में मोजतबा खामेनेई ने कहा कि वह शुरुआत में 'सिद्धांत के तौर पर' इस समझौते के खिलाफ थे. लेकिन ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सदस्यों से यह आश्वासन मिलने के बाद ही उन्होंने इसे मंजूरी दी कि यह समझौता देश के हितों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा.
ईरान पुरी तरह खत्म
ट्रंप ने इन दावों को भी खारिज कर दिया कि अमेरिका इस समझौते के लिए उत्सुक था. उन्होंने कहा कि इस बातचीत की गुहार अमेरिका ने नहीं, बल्कि ईरान ने लगाई थी. ट्रंप ने कहा, हम बेताब नहीं थे, बल्कि ईरान बेताब था. वे पूरी तरह खत्म हो चुके हैं। हम इस 60 दिनों की अवधि को पूरा करेंगे, लेकिन उन्हें कोई पैसा नहीं मिलेगा, दस सेंट भी नहीं!
खामेनेई का दावा
यह प्रतिक्रिया ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के उस बयान के ठीक एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने ट्रंप पर सीधा निशाना साधा था. खामेनेई ने दावा किया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति इस शांति समझौते को सुरक्षित करने के लिए 'बेताब' थे और उन्होंने इसके लिए 'हर तरह के हथकंडे और पैंतरेबाजी' का इस्तेमाल किया. First Updated : Saturday, 20 June 2026