तुर्की में गुरुवार को दोपहर करीब 3:46 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.1 मापी गई. भूकंप का केंद्र कुल्लू से लगभग 14 किलोमीटर उत्तर-पूर्व की ओर स्थित था. यह झटके राजधानी अंकारा तक महसूस किए गए, जिससे लोगों में हलचल मच गई. हालांकि, राहत की बात यह रही कि अब तक किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई सूचना सामने नहीं आई है.
यह भूकंप ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले, बुधवार को ग्रीस के फ्राई के निकट भी तेज भूकंप आया था. यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, ग्रीस में आए भूकंप की तीव्रता 6.1 थी और इसका केंद्र धरती की सतह से 78 किलोमीटर गहराई में था. स्थानीय समयानुसार यह झटका सुबह 1:51 बजे महसूस किया गया. इसकी वजह से आसपास के कई देशों में कंपन हुआ. काहिरा (मिस्र), इज़राइल, लेबनान, तुर्की और जॉर्डन तक इस भूकंप की हलचल दर्ज की गई.
फरवरी 2023 में तुर्की और उसके पड़ोसी देश सीरिया को दो विनाशकारी भूकंपों का सामना करना पड़ा था. पहला झटका 7.8 तीव्रता का था और इसके कुछ समय बाद 7.5 तीव्रता का एक और शक्तिशाली भूकंप आया. इन झटकों ने व्यापक तबाही मचाई थी. कई इमारतें पूरी तरह से ढह गईं और हजारों लोग मलबे में दब गए. इस त्रासदी में तुर्की में लगभग 59,000 और सीरिया में करीब 8,000 लोगों की जान चली गई थी.
हाल ही में आए इन भूकंपों ने लोगों की चिंता एक बार फिर बढ़ा दी है. वैज्ञानिकों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों द्वारा इलाके में नजर रखी जा रही है. नागरिकों से सतर्क रहने और आपातकालीन निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है.
इस तरह की घटनाएं हमें यह याद दिलाती हैं कि भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएं किसी पूर्व चेतावनी के बिना आ सकती हैं. ऐसे में आवश्यक है कि लोग भूकंप सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूक रहें और सरकारें आपदा प्रबंधन को मजबूत करें.
First Updated : Thursday, 15 May 2025