भूटान में 5.6 तीव्रता का भूकंप आया भारत, चीन, बांग्लादेश और नेपाल में झटके महसूस किए गए

रविवार को भूटान में भूकंप के तेज झटकों से हिमालयी क्षेत्र हिल गया। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज के मुताबिक भूकंप की तीव्रता 5.6 मापी गई।

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नई दिल्ली: रविवार को भूटान में भूकंप के तेज झटकों से हिमालयी क्षेत्र हिल गया। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज के मुताबिक भूकंप की तीव्रता 5.6 मापी गई। इसका असर सिर्फ भूटान तक सीमित नहीं रहा। भारत, चीन, बांग्लादेश और नेपाल के कुछ हिस्सों में भी लोगों ने धरती हिलने की बात बताई।  

लोगों ने खाली कीं इमारतें 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भूकंप के तुरंत बाद कई इलाकों में लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। कुछ जगहों पर एहतियात के तौर पर इमारतें खाली कर दी गईं। झटके इतने तेज थे कि भूटान की सीमा से सटे इलाकों में भी लोग सहम गए।  

फिलहाल किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की खबर नहीं है। अधिकारी पूरे हालात पर नजर रखे हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें प्रभावित इलाकों में स्थिति का जायजा ले रही हैं।  

हिमालयी क्षेत्र में बना रहता है खतरा   

भूटान भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। यह देश हिमालयी बेल्ट में स्थित है, जहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटें लगातार टकराती रहती हैं। इसी टकराव की वजह से यहां बार-बार भूकंप आते रहते हैं।  

भूवैज्ञानिकों का कहना है कि इस क्षेत्र में मध्यम से तेज तीव्रता के भूकंप की संभावना हमेशा बनी रहती है। रविवार का भूकंप भी उसी सक्रियता का हिस्सा माना जा रहा है।  

आसपास के देशों में भी महसूस हुई धरती   

भूटान में आए भूकंप के झटके भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में सबसे ज्यादा महसूस किए गए। असम, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई हिस्सों में लोगों ने घरों के हिलने की बात बताई। नेपाल और बांग्लादेश के सीमावर्ती इलाकों में भी हलचल महसूस की गई। चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी हल्के झटके दर्ज हुए।  

अभी तक किसी बड़े नुकसान की रिपोर्ट नहीं आई है, लेकिन अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।  

भूकंप के बाद हिमालयी क्षेत्र में आफ्टरशॉक्स की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग और भूकंप विज्ञान केंद्र लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं।   First Updated : Sunday, 07 June 2026