Earthquake : भूकंप के तेज झटकों से हिली अफगानिस्तान की धरती, रिक्टर स्केल पर 5.5 रही तीव्रता

अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान बॉर्डर पर 5.5 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके जम्मू-कश्मीर घाटी तक महसूस किए गए. भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान की राजधानी काबुल से 279 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था. इस भूकंप से किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन यह इस क्षेत्र की भूकंपीय अस्थिरता को दर्शाता है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : अफगानिस्तान और ताजिकिस्तान के सीमावर्ती पहाड़ी इलाकों में बुधवार को अचानक भारी अफरा-तफरी मच गई, जब धरती काफी तेज गति से हिलने लगी. रिक्टर स्केल पर 5.5 की तीव्रता वाले इस मध्यम भूकंप ने निवासियों को गहरे खौफ में डाल दिया. जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार, ये झटके दोपहर करीब 4:12 बजे महसूस किए गए. हालांकि इस प्राकृतिक आपदा से अभी तक किसी जान-माल के नुकसान की कोई आधिकारिक खबर फिलहाल सामने नहीं आई है.

भूकंप का सटीक केंद्र गोर्नो-बदख्शां प्रांत

भूकंप विशेषज्ञों के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस भूकंप का सटीक केंद्र ताजिकिस्तान के गोर्नो-बदख्शां प्रांत में इश्कोशिम शहर से लगभग 28 किलोमीटर उत्तर की दिशा में स्थित था. 5.5 की तीव्रता होने के कारण इसके झटके काफी दूर के इलाकों तक स्पष्ट रूप से महसूस किए गए. सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग अचानक हुए कंपन से घबराकर फौरन अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए. यह इलाका काफी पहाड़ी और दुर्गम है, इसलिए झटकों के बाद काफी देर तक दहशत रही.

गहराई ने कम किया खतरा

इस भूकंप की एक सबसे प्रमुख भौगोलिक विशेषता इसकी अत्यधिक गहराई थी, जो भू-वैज्ञानिकों के अनुसार सतह से लगभग 90 से 104 किलोमीटर के बीच दर्ज की गई है. आमतौर पर, जब कोई भूकंप इतनी अधिक गहराई पर आता है, तो सतह पर उसका विनाशकारी प्रभाव काफी कम हो जाता है. यही मुख्य कारण है कि 5.5 की मध्यम तीव्रता के बावजूद किसी इमारत के गिरने या मलबे में दबने जैसी खबरें अब तक सामने नहीं आई हैं. यह निवासियों के लिए राहत रही.

जान जाने या घायल होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं 

भूकंप के इन झटकों ने मुख्य रूप से अफगानिस्तान के बदख्शां प्रांत और ताजिकिस्तान के गोर्नो-बदख्शां क्षेत्र के निवासियों को सबसे अधिक प्रभावित किया है. स्थानीय प्रशासन से प्राप्त शुरुआती सूचनाओं के मुताबिक, अभी तक किसी की जान जाने या घायल होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है. इस क्षेत्र की भौगोलिक बनावट अत्यंत जटिल है और आबादी विरल है, जिसके चलते सुदूर ग्रामीण हिस्सों से सटीक जानकारी एकत्रित करने में प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. टीमें सक्रिय हैं.

सक्रिय टेक्टोनिक जोन की चेतावनी

यह संपूर्ण मध्य एशियाई क्षेत्र हिमालयी टेक्टोनिक प्लेटों के प्रभाव वाले अत्यंत सक्रिय जोन के अंतर्गत आता है. जिसे दुनिया के सबसे अधिक भूकंप संवेदनशील क्षेत्रों में गिना जाता है. यहां मध्यम और कम तीव्रता वाले भूकंप आना एक नियमित भौगोलिक प्रक्रिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्लेटों की निरंतर हलचल से जो तनाव बढ़ता है, वह छोटे झटकों के रूप में बाहर आता है. अधिक गहराई होने के कारण जमीन के ऊपर कोई बड़ा जान-माल का नुकसान इस बार नहीं हुआ.

सतर्कता और प्रशासनिक उपाय

भूकंप के बाद स्थानीय अधिकारियों और आपदा प्रबंधन टीमों ने प्रभावित पहाड़ी इलाकों में सघन जांच शुरू कर दी है. स्थानीय निवासियों को संभावित आफ्टरशॉक्स या छोटे झटकों के प्रति सचेत रहने की विशेष हिदायत दी गई है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे शांत रहें और किसी भी पुरानी या जर्जर इमारत के पास न जाएं. फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और संचार सेवाओं के माध्यम से सुदूर गांवों से लगातार संपर्क साधने की कोशिश की जा रही है.

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