South Korea forest fire: दक्षिण कोरिया के जंगलों में लगी भीषण आग ने पूरे क्षेत्र में तबाही मचा दी है. इस आग के चलते अब तक 18 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें चार अग्निशामक और सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं. आग की भयावहता इतनी अधिक है कि 200 से ज्यादा इमारतें जलकर राख हो गई हैं, जबकि 27,000 से अधिक लोगों को अपना घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है. अधिकारियों के अनुसार, यह दक्षिण कोरिया के इतिहास की सबसे भीषण जंगल की आग बताई जा रही है.
इस विनाशकारी आग ने एक ऐतिहासिक धरोहर को भी अपने चपेट में ले लिया. उइसोंग क्षेत्र में स्थित 1300 साल पुराना गौंसा बौद्ध मठ पूरी तरह जलकर खाक हो गया है. यह मठ 7वीं शताब्दी में निर्मित किया गया था और कोरियाई सांस्कृतिक विरासत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण था. आग की चपेट में आकर अब तक करीब 43,330 एकड़ जमीन तबाह हो चुकी है.
दक्षिण कोरिया के कार्यवाहक राष्ट्रपति हान डक-सू ने आग को बेहद गंभीर स्थिति करार दिया है. उन्होंने कहा, "यह अब तक की सबसे भीषण आग है, नुकसान लगातार बढ़ रहा है. हमें इस सप्ताह अपनी पूरी क्षमता के साथ इसे बुझाने की कोशिश करनी होगी." हान ने बताया कि रात भर चली तेज हवाओं के कारण आग बुझाने में भारी दिक्कतें आ रही हैं.
आग पर काबू पाने के लिए बुधवार को 4,650 से अधिक दमकल कर्मी, सैनिक और सरकारी कर्मचारी तैनात किए गए थे. आग को बुझाने के लिए 130 से अधिक हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है. अधिकारियों को उम्मीद है कि गुरुवार को मौसम में कुछ सुधार होने से राहत कार्य में तेजी आएगी.
इस भयावह आग के कारण दक्षिण-पूर्वी शहरों और कस्बों में रहने वाले हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए थे. गृह मंत्रालय के अनुसार, सबसे अधिक नुकसान एंडोंग, उइसोंग, सांचोंग और उल्सान शहरों में हुआ है.
मंगलवार को दमकलकर्मियों ने कुछ क्षेत्रों में आग पर काबू पा लिया था, लेकिन तेज हवा और शुष्क मौसम की वजह से आग फिर से भड़क उठी. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मौसम में सुधार नहीं हुआ, तो आग पर काबू पाना और भी मुश्किल हो सकता है. First Updated : Wednesday, 26 March 2025