जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) कमांडर मसूद इलियास कश्मीरी का एक नया वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. इस वीडियो में वह दावा करते दिख रहे हैं कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकवादियों के अंतिम संस्कार में शामिल होने का आदेश दिया था.
कश्मीरी ने बताया कि पाकिस्तानी सेना मुख्यालय (जीएचक्यू) ने वरिष्ठ कमांडरों को निर्देशित किया कि मारे गए आतंकवादियों को सैन्य सम्मान के तहत अंतिम सलामी दी जाए. कश्मीरी ने कहा कि जीएचक्यू ने आदेश दिया कि शहीदों को अंतिम सलामी दी जाए और कोर कमांडरों को हिदायत दी कि वे जनाजे के जुलूस में वर्दी पहनकर मौजूद रहें और सुरक्षा प्रदान करें.
इसी घटना से जुड़े एक अन्य वीडियो में कश्मीरी ने दावा किया कि दिल्ली और मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों में मसूद अजहर की भूमिका रही. उन्होंने उर्दू में कहा कि दिल्ली की तिहाड़ जेल से छूटने और दुश्मनों से बच निकलने के बाद जब मौलाना मसूद अजहर पाकिस्तान आए, तो यह बालाकोट की मिट्टी ही थी जिसने उन्हें दिल्ली और मुंबई में अपने मिशन को आगे बढ़ाने की ताकत दी. कश्मीरी की यह बात उनके आतंकवादी नेटवर्क की गहरी जड़ और पाकिस्तान से जुड़े समर्थन का संकेत देती है.
इस क्लिप के पहले भी इलियास कश्मीरी ने स्वीकार किया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना के हमलों ने बहावलपुर में मसूद अजहर के परिवार को निशाना बनाया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देते हुए हमने दिल्ली, काबुल और कंधार तक संघर्ष किया. लेकिन 7 मई को बहावलपुर में भारतीय सेना ने मसूद अजहर के परिवार को तबाह कर दिया.
ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में शुरू किया गया था. उस हमले में 26 नागरिक मारे गए थे, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे. इसके जवाब में भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना ने रात भर समन्वित हमलों में नौ आतंकवादी ठिकानों को नष्ट किया. इन ठिकानों में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और हिज्बुल मुजाहिदीन के मजबूत नेटवर्क शामिल थे.
भारतीय सेना की ओर से कर्नल सोफिया कुरैशी ने स्पष्ट किया कि हमले सटीक थे और किसी नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचा. भारतीय सेना का दावा है कि ऑपरेशन में आतंकवादियों के ठिकाने ही निशाना बने और किसी भी निर्दोष व्यक्ति की जान नहीं गई.
वहीं पाकिस्तान ने 26 लोगों की मौत और 46 घायल होने का दावा किया. हालांकि, पाकिस्तान ने यह नहीं स्वीकार किया कि ये स्थल आतंकवादी गढ़ थे. इस वीडियो और दावों से भारत-पाकिस्तान के बीच सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दों पर तनाव और बढ़ सकता है.
First Updated : Thursday, 18 September 2025