24 घंटे में निकल जाओ! कतर ने ईरानी अधिकारियों को दिया करारा फरमान, पर्सोना नॉन ग्राटा घोषित

कतर ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि अगर ईरान अपना आक्रामक रवैया नहीं बदलेगा, तो आगे और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे. कतर ने स्पष्ट कहा, हम अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहते हुए अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने का पूरा अधिकार रखते हैं.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

कतर ने ईरान के सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों को 'पर्सोना नॉन ग्राटा' घोषित कर दिया है, जिसके तहत उन्हें 24 घंटों के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया गया है. यह कदम ईरान द्वारा कतर पर किए गए हालिया हमलों के जवाब में उठाया गया है, जिसने खाड़ी क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है. ईरान के हमलों ने क्षेत्रीय ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया, जिससे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है.

कतर के विदेश मंत्रालय ने ईरानी दूतावास को आधिकारिक नोट सौंपते हुए साफ कहा कि ईरान की बार-बार की आक्रामकता और संप्रभुता के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. यह फैसला अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान के बढ़ते संघर्ष के बीच खाड़ी देशों की ओर से मजबूत प्रतिक्रिया का संकेत है, जहां रियाद में मुस्लिम देशों की महत्वपूर्ण बैठक भी होने वाली है.

कतर ने ईरानी अधिकारियों को देश छोड़ने का दिया आदेश 

कतर के विदेश मंत्रालय ने लिखा, कतर के विदेश मंत्रालय ने देश में स्थित इस्लामी गणराज्य ईरान के दूतावास को एक आधिकारिक नोट सौंपा है. इसमें कहा गया है कि कतर, दूतावास के सैन्य अताशे और सुरक्षा अताशे  के साथ-साथ इन दोनों कार्यालयों के समस्त स्टाफ को 'पर्सोना नॉन ग्राटा' घोषित करता है. कतर ने मांग की है कि ये सभी अधिकारी अधिकतम 24 घंटे के भीतर देश छोड़कर चले जाएं.

पर्सोना नॉन ग्राटा का मतलब क्या है?

डिप्लोमेसी के लिहाज से जब कोई देश किसी विदेशी अधिकारी या अधिकारियों को अपने यहां रहने की अनुमति देने से मना कर देता है या उसे देश छोड़ने का आदेश देता है, तो उसे पर्सोना नॉन ग्रेटा घोषित कर दिया जाता है.

ईरान के हमलों से नाराजगी, संप्रभुता का उल्लंघन बताया

मंत्रालय ने कहा कि ईरान की तरफ से बार-बार कतर को निशाना बनाने और कतर राज्य के खिलाफ किए गए खुले आक्रमण के जवाब में लिया गया है, जिसने कतर की संप्रभुता और सुरक्षा का उल्लंघन किया है. यह अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव संख्या 2817 और अच्छे पड़ोस के सिद्धांतों का घोर उल्लंघन है.

आगे कड़े कदम की चेतावनी

कतर ने साफ किया है कि ईरान अगर इस तरह का रवैया जारी रखता है, तो आगे और भी कड़े उपाय किए जाएंगे. साथ ही कहा, कतर अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रावधानों के अनुसार अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का अपना अधिकार सुरक्षित रखता है.

ईरान ने खाड़ी देशों को दी तेल-गैस सुविधाओं पर हमले की धमकी 

ईरान ने अपने 'गैस फील्ड' पर हमले के बाद धमकी दी है कि वह कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में तेल और गैस के बुनियादी ढांचे पर हमला करेगा. हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब ईरान ने धमकी जारी की हो. ईरान ने विशेष रूप से सऊदी अरब की समरेफ रिफाइनरी और उसके जुबैल पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाने की धमकी दी है. उसने संयुक्त अरब अमीरात के अल हसन गैस फील्ड और कतर में स्थित पेट्रोकेमिकल संयंत्रों तथा एक रिफाइनरी पर भी हमले की धमकी दी है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो