ईद-उल-फितर से पहले पाकिस्तान-अफगानिस्तान युद्ध पर ब्रेक! दोनों देशों ने लिया बड़ा फैसला

ईद-उल-फितर से पहले पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने अस्थायी युद्धविराम का ऐलान किया है. काबुल हमले में भारी जनहानि के बाद बढ़े तनाव के बीच यह फैसला लिया गया, हालांकि हालात अभी भी संवेदनशील बने हुए हैं.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: ईद-उल-फितर से ठीक पहले पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहा तनाव कुछ समय के लिए थमता नजर आ रहा है. लगातार हमलों और सैकड़ों लोगों की मौत के बीच दोनों देशों ने अचानक संघर्ष रोकने का ऐलान किया है. हालांकि हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हैं और किसी भी समय फिर से टकराव की आशंका बनी हुई है.

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया के जरिए घोषणा की कि ईद के मद्देनजर सैन्य अभियान को अस्थायी रूप से रोका जा रहा है. उन्होंने बताया कि यह फैसला सऊदी अरब, तुर्किये और कतर जैसे देशों के अनुरोध पर लिया गया है. यह घोषणा ऐसे समय में हुई जब कुछ घंटों पहले ही पाकिस्तान ने सीमावर्ती इलाकों में नए हमले किए थे. इस अभियान को ‘गजब-लिल-हक’ नाम दिया गया था, जिसे अब कुछ दिनों के लिए रोक दिया गया है.

कब तक रहेगा यह विराम

पाकिस्तान सरकार के अनुसार, यह अस्थायी युद्धविराम 18/19 मार्च की आधी रात से शुरू होकर 23/24 मार्च तक लागू रहेगा. हालांकि पाकिस्तान ने साफ कर दिया है कि अगर इस दौरान कोई हमला, ड्रोन गतिविधि या आतंकी घटना होती है, तो कार्रवाई तुरंत फिर से शुरू कर दी जाएगी.

दूसरी तरफ, अफगानिस्तान ने भी इस फैसले का समर्थन किया है. वहां के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि उनकी सुरक्षा एजेंसियां भी ईद के मौके पर अपने अभियानों को रोकेंगी, लेकिन किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार रहेंगी.

काबुल हमले के बाद बढ़ा तनाव

बता दें कि अफगानिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तान ने एक पुनर्वास अस्पताल को निशाना बनाया, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए. स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक इस हमले में 400 से अधिक लोगों की जान गई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए. हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है.

पाकिस्तान ने आरोपों से किया इनकार

पाकिस्तान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उसका कहना है कि हमले केवल आतंकवादी ठिकानों पर किए गए थे, न कि किसी अस्पताल या नागरिक क्षेत्र पर. पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के दावों को गलत और भ्रामक बताते हुए कहा कि सच्चाई को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है.

पीड़ितों का सामूहिक अंतिम संस्कार

हमले के बाद अफगानिस्तान में बड़े पैमाने पर सामूहिक अंतिम संस्कार किया गया. रिपोर्ट के अनुसार, भारी संख्या में शवों को दफनाने के लिए बुलडोजर की मदद से कब्रें खोदी गईं. यह दृश्य बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला था.

संयुक्त राष्ट्र की सख्त प्रतिक्रिया

इस घटना पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई गई है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (UNHCHR) ने पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है. संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह की घटनाओं में जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराना जरूरी है. साथ ही पीड़ित परिवारों को न्याय और मुआवजा मिलना चाहिए.

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