ट्रंप की ईरान पर बड़ी तैयारी! मिडिल ईस्ट में हजारों अमेरिकी सैनिक तैनात करने का प्लान, क्या है अगला कदम?
डोनाल्ड ट्रंप मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना की तादाद बढ़ाने की तैयारी में जुटे हैं. उनकी नजर खार्ग द्वीप और ईरान के परमाणु ठिकानों पर टिकी है, जहां सैनिक भेजना बेहद जोखिम भरा हो सकता है. ट्रंप प्रशासन ने अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया, मगर सारे रास्ते खुले रखे हैं.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध दूर-दूर तक खत्म होता नहीं दिख रहा है. इजरायली हमले में हाल ही में ईरान के सुरक्षा सचिव अली लारीजानी की मौत हो गई है. वहीं, अब डोनाल्ड ट्रंप मिडल-ईस्ट में अपनी सेना की मौजूदगी को बड़े पैमाने पर बढ़ाने की तैयारी में हैं.
एक रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप इस अभियान के अगले चरणों के लिए हजारों अमेरिकी सैनिकों की तैनाती कर सकते हैं. अमेरिकी अधिकारियों से जुड़े सूत्रों की मानें तो इस तैनाती का मकसद ट्रंप को युद्ध के मैदान में ज्यादा मजबूत करना है.
ट्रंप की नई रणनीति
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा, प्रशासन मिडिल-ईस्ट में अपने ऑपरेशन को और मजबूत करने के लिए हजारों अमेरिकी सैनिकों को तैनात करने के बारे में सोच रहा है. हालांकि, सैनिकों को भेजने की योजना पर अभी कोई आखिरी फैसला नहीं लिया गया है. अधिकारी ने कहा, राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी जमीनी सेना भेजने का फैसला नहीं किया है, लेकिन वो समझदारी से सभी विकल्पों को अपने पास रख रहे हैं.
होर्मुज स्ट्रेट पर नजर
ट्रंप अतिरिक्त सेना तैनात करके दुनिया के इस सबसे अहम तेल मार्ग से गुजरने वाले टैंकरों की सुरक्षा तय करना चाहते हैं. इसमें हवाई और नौसैनिक संपत्तियों का इस्तेमाल होगा. ईरान की तटरेखा के साथ-साथ जमीनी सैनिकों की तैनाती भी हो सकती है.
खार्ग द्वीप पर हमला
अमेरिकी अधिकारी ईरान के खार्ग द्वीप पर सेना भेजने की कोशिश कर रहे हैं. ये द्वीप ईरान के कुल तेल निर्यात का लगभग 90% हिस्सा संभालता है. हालांकि, एक अधिकारी ने चेतावनी दी है कि ये ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा हो सकता है. क्योंकि ईरान मिसाइलों और ड्रोनों के जरिए आसानी से इस द्वीप को निशाना बना सकता है.
यूरेनियम भंडार पर कब्जा
ट्रंप सरकार ईरान के यूरेनियम के भंडार को अपने कब्जे में लेना चाहती है. लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ये कदम अमेरिकी विशिष्ट बलों के लिए भी काफी मुश्किल और खतरनाक साबित हो सकता है.


