नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के पुनर्गठन की खबरें सामने आई हैं. रिपोर्टों के अनुसार, संगठन को नए ढांचे में तैयार करने की योजना बनाई जा रही है. इसी क्रम में संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकी हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद को संगठन में अहम जिम्मेदारी देने की बात कही जा रही है. माना जा रहा है कि वह भविष्य में संगठन के संचालन और रणनीतिक फैसलों में प्रमुख भूमिका निभा सकता है.
सूत्रों के मुताबिक, संगठन की गतिविधियों को अलग-अलग क्षेत्रों के हिसाब से तीन शाखाओं में बांटने की योजना बनाई गई है. एक शाखा बलूचिस्तान में सक्रिय रहेगी, दूसरी खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में काम करेगी, जबकि तीसरी शाखा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में युवाओं के बीच भारत विरोधी प्रचार पर ध्यान केंद्रित कर सकती है.
बताया जा रहा है कि इस नई रणनीति का उद्देश्य अलग-अलग इलाकों में संगठन की गतिविधियों को अधिक संगठित तरीके से संचालित करना है.
रिपोर्टों के अनुसार, हालिया घटनाओं के बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई अपनी रणनीति में बदलाव कर रही है. दावा किया जा रहा है कि सीधे आतंकी गतिविधियों के बजाय अब प्रचार और मनोवैज्ञानिक अभियान पर अधिक जोर दिया जा सकता है.
इसमें सोशल मीडिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार की गई सामग्री का इस्तेमाल कर भ्रामक सूचनाएं फैलाने की कोशिश की जा सकती है. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी आतंकी संगठन के पुनर्गठन की खबरों को गंभीरता से लिया जाता है. यदि संगठन अपने ढांचे में बदलाव करता है, तो सुरक्षा एजेंसियां भी अपनी रणनीति को उसी के अनुसार मजबूत करती हैं.
भारत की सुरक्षा एजेंसियां सीमापार गतिविधियों और ऑनलाइन दुष्प्रचार से जुड़े संभावित खतरों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. फिलहाल इन रिपोर्टों को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती जा रही है. First Updated : Sunday, 05 July 2026