Trump Swearing In: अमेरिका के नए राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को शपथ लेने जा रहे हैं. इस ऐतिहासिक अवसर पर वे दो खास बाइबल्स का इस्तेमाल करेंगे. इनमें से एक बाइबल उन्हें उनकी मां ने तोहफे में दी थी, जबकि दूसरी ऐतिहासिक लिंकन बाइबल है. खास बात यह है कि ठंड के कारण 40 साल में पहली बार शपथ ग्रहण समारोह का स्थान बदला गया है. यह बदलाव 1985 में रोनाल्ड रीगन के समय हुए एक बदलाव की याद दिलाता है.
डोनाल्ड ट्रंप का शपथ ग्रहण समारोह पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित कर रहा है. यह सिर्फ उनके राष्ट्रपति बनने का मौका नहीं है, बल्कि इससे जुड़े कुछ ऐतिहासिक और भावुक पहलू भी हैं. जानिए, क्यों इस बार का समारोह खास और यादगार होने वाला है.
डोनाल्ड ट्रंप अपने शपथ ग्रहण में दो बाइबल्स का उपयोग करेंगे. इनमें से एक बाइबल उनकी मां ने 1955 में उन्हें उस समय दी थी, जब उन्होंने न्यूयॉर्क के जमैका स्थित संडे चर्च स्कूल से ग्रेजुएशन पूरी की थी. यह 1953 का संशोधित मानक संस्करण है, जिसमें ट्रंप का नाम लिखा हुआ है.
दूसरी बाइबल, जिसे ट्रंप शपथ ग्रहण के लिए इस्तेमाल करेंगे, लिंकन बाइबल है। यह वही बाइबल है जिसका उपयोग 1861 में अमेरिका के पहले राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने अपने शपथ ग्रहण में किया था. इस ऐतिहासिक बाइबल का अब तक केवल तीन बार इस्तेमाल हुआ है. दो बार पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने और तीसरी बार 2017 में डोनाल्ड ट्रंप ने इस बाइबल के साथ शपथ ली थी.
अमेरिका के नव-निर्वाचित उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी अपनी मां के तोहफे वाली पारिवारिक बाइबल का उपयोग करेंगे। यह बाइबल उनकी नानी ने उनकी मां को दी थी, जिसे बाद में 2003 में उनकी मां ने वेंस को मरीन कॉर्प्स में भर्ती होने के समय दिया. यह बाइबल किंग जेम्स संस्करण की है.
शपथ ग्रहण समारोह की जगह में बदलाव ने 1985 की यादें ताजा कर दी हैं, जब ठंड के कारण राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन को रोटुंडा में भाषण देना पड़ा था। इस बार भी ट्रंप ने नेशनल मॉल के बजाय रोटुंडा में शपथ लेने का फैसला किया है। ठंड के कारण यह फैसला लिया गया है, जिससे समारोह को आरामदायक बनाया जा सके. First Updated : Saturday, 18 January 2025