नई दिल्ली: पहलगाम आतंकी हमले के कथित मास्टरमाइंड और लश्कर-ए-तैबा (LeT) के उप प्रमुख सैफुल्लाह कसूरी ने पाकिस्तान की सेना के साथ अपने करीबी रिश्तों को खुले मंच से स्वीकार कर लिया है. एक कार्यक्रम के दौरान दिए गए उसके बयान ने पाकिस्तान की उस आधिकारिक लाइन को कटघरे में खड़ा कर दिया है, जिसमें वह आतंकवादी संगठनों से किसी भी तरह के संबंध से इनकार करता रहा है.
एक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को संबोधित करते हुए कसूरी ने न सिर्फ पाकिस्तान सेना से मिलने वाले नियमित निमंत्रणों का जिक्र किया, बल्कि यह भी दावा किया कि उसकी मौजूदगी से भारत डरता है. उसका यह बयान उस समय सामने आया है, जब हाल ही में भारत ने आतंक के खिलाफ कड़ा सैन्य अभियान चलाया था.
लश्कर-ए-तैबा प्रमुख हाफिज सईद के करीबी माने जाने वाले कसूरी ने अपने संबोधन में पाकिस्तान सेना से मिलने वाले आमंत्रणों को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया. एक वीडियो में वह कहते सुने गए, "पाकिस्तान की सेना ने मुझे निमंत्रण भेजकर आमंत्रित किया है... पाकिस्तान की सेना ने मुझे अपने सैनिकों के लिए अंतिम संस्कार की प्रार्थनाओं का नेतृत्व करने के लिए आमंत्रित किया है."
यह बयान पाकिस्तान सरकार के उन दावों के बिल्कुल उलट है, जिनमें वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह कहती रही है कि उसने अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकी संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है.
स्कूली बच्चों को संबोधित करते हुए कसूरी ने खुद को ताकतवर दिखाने की कोशिश करते हुए कहा,"क्या आपको पता है कि भारत मुझसे डरता है?"
उसने भारत के खिलाफ खुली चुनौती देते हुए अपने संगठन के कश्मीर एजेंडे को दोहराया और कहा कि उसका संगठन अपने "कश्मीर मिशन" से पीछे नहीं हटेगा.
कसूरी ने भारत के सैन्य अभियान ऑपरेशन सिंदूर पर भी टिप्पणी की और उसे “गलती” करार दिया. एक अज्ञात वीडियो में वह यह कहते सुना गया,"ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर बहुत बड़ी गलती की."
इससे पहले भी वह यह स्वीकार कर चुका है कि इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के भीतर मौजूद आतंकी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है.
लश्कर-ए-तैबा के उप प्रमुख ने एक सार्वजनिक रैली में यह भी कहा था कि पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड बताए जाने के बाद वह दुनिया भर में मशहूर हो गया है. पंजाब प्रांत के कसूर में आयोजित रैली में उसने कहा था,"मुझे पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड बताया गया था, अब मेरा नाम पूरी दुनिया में मशहूर है."
भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसका मकसद पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सक्रिय आतंकी ढांचों को तबाह करना था. यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे. चार दिन तक चले ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद, 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम पर सहमति बनी थी. First Updated : Sunday, 11 January 2026