India global peace role: इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा है कि भारत दुनिया में चल रहे संघर्षों को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) सत्र से अलग एएनआई से बातचीत में मेलोनी ने यह बात कही. उनका बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ टेलीफोन वार्ता के कुछ सप्ताह बाद आया, जिसमें दोनों नेताओं ने वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार साझा किए थे.
हाल ही में हुई बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दिया. प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के पूर्ण समर्थन को दोहराते हुए कहा कि युद्ध समाप्ति के लिए किए जा रहे सभी राजनयिक प्रयासों में भारत हमेशा सहयोग करेगा. इसके अलावा, दोनों नेताओं ने भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी की प्रगति का मूल्यांकन किया, जिसमें निवेश, रक्षा, सुरक्षा, अंतरिक्ष, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, शिक्षा, आतंकवाद-निरोध और लोगों के बीच आपसी संबंध शामिल हैं. उन्होंने संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-29 के तहत इस साझेदारी को और मजबूत करने के अपने संकल्प की पुष्टि भी की.
प्रधानमंत्री मेलोनी ने भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को शीघ्र पूरा करने के लिए इटली के समर्थन की पुष्टि की. उन्होंने 2026 में भारत द्वारा आयोजित एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन की सफलता पर भी भरोसा जताया. इसके अलावा, दोनों नेताओं ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEEC) पहल के तहत सहयोग बढ़ाने और आगे के कदमों पर निकट संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई.
80वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र की उच्चस्तरीय बहस न्यूयॉर्क में शुरू हुई, जिसमें वैश्विक नेता विभिन्न गंभीर चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए उपस्थित हुए. इस सत्र में गाजा और यूक्रेन में युद्धों के साथ-साथ फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने पर भी चर्चा हुई. इस वर्ष का विषय है "एक साथ बेहतर: शांति, विकास और मानवाधिकारों के लिए 80 वर्ष और उससे अधिक."
रूस-यूक्रेन युद्ध अपने तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुका है, जिसमें भारी हताहत और बुनियादी ढाँचे का व्यापक नुकसान हुआ है. रूस ने यूक्रेनी शहरों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज़ कर दिए हैं, जिससे नागरिक प्रभावित हुए हैं और बिजली सेवाओं में व्यवधान आया है. वहीं, यूक्रेन ने रूस के तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा सुविधाओं पर ड्रोन हमलों के जरिए जवाबी कार्रवाई की, जिससे रूस की ईंधन निर्यात क्षमता प्रभावित हुई है और वैश्विक बाजारों पर असर पड़ा. पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन में मोर्चों पर कड़ी टकराहट जारी है और दोनों पक्षों में निर्णायक बढ़त नहीं बन पाई है.
First Updated : Wednesday, 24 September 2025