इंटरनेशनल न्यूज. दूसरे विश्व युद्ध के अंत में जब अमेरिका ने जापान के दो शहरों-हिरोशिमा और नागासाकी-पर एटम बम गिराया, तब दुनिया ने पहली बार देखा कि विज्ञान कितना विनाशकारी हो सकता है. इस एक घटना ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया, लेकिन ये तो महज शुरुआत थी. कुछ साल बाद जब हाईड्रोजन बम आस्तित्व में आया, तो विनाश की परिभाषा ही बदल गई. अब दोनों बमों में क्या फर्क है, कौन कितना खतरना है और ये कैसा काम करते हैं आइए विस्तार से जानते हैं.
एटम बम, जिसे आमतौर पर अणु बम कहा जाता है, ‘न्यूक्लियर फिशन’ यानी परमाणु विखंडन पर आधारित होता है. इसमें भारी परमाणु जैसे यूरेनियम-235 या प्लूटोनियम-239 को छोटे-छोटे भागों में तोड़ा जाता है. इस प्रक्रिया में बड़ी मात्रा में ऊर्जा, न्यूट्रॉन और फोटॉन निकलते हैं. यही ऊर्जा विस्फोट बन जाती है. हिरोशिमा और नागासाकी में जो तबाही हुई थी, वो इसी तकनीक से बनी बमों का असर था.
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका ने गुप्त रूप से 'मैनहट्टन प्रोजेक्ट' नामक योजना चलाई. इसी के तहत 1945 में न्यू मैक्सिको में 'ट्रिनिटी टेस्ट' हुआ, जो पहला सफल एटम बम परीक्षण था. कुछ ही महीनों बाद इसका असली इस्तेमाल जापान के खिलाफ किया गया. इसके बाद दुनिया कभी वैसी नहीं रही.
हाइड्रोजन बम, जिसे थर्मोन्यूक्लियर बम या एच-बम भी कहा जाता है, एटम बम से एक कदम आगे है. ये 'न्यूक्लियर फ्यूजन' यानी परमाणु संलयन पर काम करता है. इसमें ड्यूटेरियम और ट्रिटियम जैसे हल्के तत्व बहुत अधिक तापमान और दबाव में आपस में मिलकर भारी तत्व बनाते हैं. इस प्रक्रिया में जो ऊर्जा निकलती है, वह एटम बम से कई गुना अधिक होती है.
हाइड्रोजन बम को दो हिस्सों में बांटा जा सकता है—पहला भाग एक छोटा एटम बम होता है जो प्रारंभिक ऊर्जा देता है. वही ऊर्जा संलयन प्रक्रिया को ट्रिगर करती है. फिर शुरू होता है दूसरा चरण जिसमें ड्यूटेरियम और ट्रिटियम का संलयन होता है, और एक महाविस्फोट में अपार ऊर्जा निकलती है.
1952 में अमिरका ने 'आइवी माइक' नामक पहला हाईड्रोजन बम परीक्षण किया. लेकिन 1961 में सोवियत संघ ने 'जार बॉम्ब' नाम का परीक्षण कर इतिहास रच दिया. यह अब तक का सबसे शक्तिशाली विस्फोट था, जिसकी ऊर्जा हिरोशीमा बम से करीब 3000 गुना अधिक थी. जहां एटम बम एक शरर को मटिमेट कर सकता है, वही हाईड्रोजन बम कई शहरों को एक साथ निगल सकता है, दोनों की विनाशक क्षमता डरावनी है, लेकिन हाईड्रोजन बम कहीं अधिक शक्तिशाली और व्यापक प्रभाव वाला हथियार है. First Updated : Friday, 02 May 2025