ट्रंप द्वारा युद्धविराम की अवधि बढ़ाने के कुछ घंटों बाद ईरान ने किया हमला, होर्मुज में एक कंटेनर जहाज पर की गोलीबारी
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा युद्धविराम विस्तार की घोषणा के कुछ घंटों बाद ईरान ने होर्मुज में एक कंटेनर जहाज पर गोलीबारी की है. यह घटना सुबह करीब 7:55 बजे की बताई जा रही है.

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया है. पाकिस्तान में होने वाली बातचीत असफल रहने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया. ट्रंप ने कहा कि वे तेहरान से एकजुट प्रस्ताव का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन ठीक कुछ घंटे बाद ही ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कंटेनर जहाज पर हमला कर दिया. इस घटना से तनाव और बढ़ गया है.
ईरानी गार्ड्स का हमला
ब्रिटिश सेना की यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने बताया कि ईरान की पैरामिलिट्री फोर्स, रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सुबह करीब 7:55 बजे कंटेनर जहाज पर गोलीबारी की. ईरानी गनबोट ने जहाज को पहले कोई चेतावनी नहीं दी. हमले में जहाज को नुकसान पहुंचा, लेकिन कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ और न ही पर्यावरण को कोई हानि हुई.
ईरान की सेमी-ऑफिशियल न्यूज एजेंसियों फार्स और तस्नीम ने इस हमले की पुष्टि की. फार्स ने दावा किया कि ईरान होर्मुज पर अपना नियंत्रण कानूनी तरीके से लागू कर रहा है. यह जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी का मुंह है, जहां से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस गुजरता है.
डोनाल्ड ट्रंप का दावा
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान आर्थिक रूप से ढह रहा है. उन्होंने कहा, "ईरान आर्थिक रूप से बर्बाद हो रहा है. वे होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खुला चाहते हैं. वे नकदी के लिए तरस रहे हैं." ट्रंप का आरोप है कि ईरान सड़क पर अपना चेहरा बचाने के लिए जलडमरूमध्य बंद रखना चाहता है, जबकि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर ब्लॉकेड बनाए हुए है.
इससे पहले अमेरिकी सेना ने ईरानी जहाजों पर कार्रवाई की थी. अमेरिका ने एक ईरानी कंटेनर जहाज को जब्त कर लिया था और हिंद महासागर में ईरान से जुड़े एक तेल टैंकर को रोका था.
दोनों तरफ से चेतावनी
ईरान ने अभी तक ट्रंप के सीजफायर बढ़ाने के ऐलान पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है. दोनों देशों ने चेतावनी दी है कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो लड़ाई फिर शुरू हो सकती है. पाकिस्तान में बातचीत की योजना फेल हो गई है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है.
होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग माना जाता है, भले ही यह ईरान और ओमान के क्षेत्रीय पानी में हो. दुनिया भर के शिपर्स इस पर निर्भर हैं. इस हमले से वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापार पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है.


