ईरान ने 50 दिन बाद खोला एयरस्पेस, पूर्वी हिस्से में फ्लाइट्स शुरू

ईरान ने हालिया तनावपूर्ण हालात के बीच अपने हवाई क्षेत्र को आंशिक रूप से खोलने का फैसला किया है. हालांकि, शुरुआत के कुछ घंटों बाद भी फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म पर यह साफ दिखा कि अधिकांश अंतरराष्ट्रीय विमान अभी भी ईरानी हवाई क्षेत्र से दूरी बनाए हुए हैं.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

ईरान ने हालिया तनावपूर्ण हालात के बीच अपने हवाई क्षेत्र को आंशिक रूप से खोलने का फैसला किया है. देश की नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, अब पूर्वी ईरान के ऊपर से गुजरने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को सीमित रूप से अनुमति दी गई है. इसके साथ ही कुछ चुनिंदा हवाई अड्डों को सुबह 7 बजे से संचालन के लिए फिर से शुरू कर दिया गया है. 

हालांकि, शुरुआत के कुछ घंटों बाद भी फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म पर यह साफ दिखा कि अधिकांश अंतरराष्ट्रीय विमान अभी भी ईरानी हवाई क्षेत्र से दूरी बनाए हुए हैं. सुरक्षा चिंताओं के चलते कई एयरलाइंस वैकल्पिक और लंबा मार्ग अपनाने को प्राथमिकता दे रही हैं.

आवाजाही बहाल के संकेत

ईरान ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से देश के अन्य हवाई अड्डों पर भी उड़ानों की आवाजाही बहाल की जाएगी. दूसरी ओर, ब्रिटेन ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य समुद्री यातायात बहाल करने की अपील की है. ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर ने कहा कि युद्धविराम लागू होने के बावजूद इस महत्वपूर्ण मार्ग पर अब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है. उन्होंने जोर देकर कहा कि वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए इस मार्ग से जहाजों की निर्बाध आवाजाही बेहद आवश्यक है.

उधर, ईरान ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह नहीं खोला गया है. रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, फिलहाल यह रास्ता केवल युद्धविराम की अवधि और कुछ विशेष शर्तों के तहत ही खुला है. सैन्य जहाजों और उन पोतों को अनुमति नहीं दी जा रही है, जिनका संबंध दुश्मन देशों से माना जाता है. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि लेबनान में ईरान समर्थित संगठन हिज्बुल्लाह पर दबाव बढ़ता है, तो इन व्यवस्थाओं में बदलाव किया जा सकता है.

इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध जारी

इस बीच, देश के भीतर इंटरनेट सेवाओं पर लगा प्रतिबंध भी जारी है. इंटरनेट निगरानी संस्था नेटब्लॉक्स के मुताबिक, ईरान में डिजिटल ब्लैकआउट को करीब 50 दिन पूरे हो चुके हैं, जिससे लोग वैश्विक इंटरनेट से कटे हुए हैं. इस लंबे प्रतिबंध का असर आम जनजीवन, कारोबार और संचार व्यवस्था पर साफ तौर पर देखा जा रहा है.

सुरक्षा एजेंसियों ने भी अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं. ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने जानकारी दी है कि तीन प्रांतों में सुरक्षा कारणों के चलते 127 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इन पर हिंसा और दुश्मन के समर्थन से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं.

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