नई दिल्ली: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने गुरुवार को अमेरिकी एयरबेस पर हमला किया. ईरान का कहना है कि यह जवाबी कार्रवाई थी. अमेरिका ने पहले दिन बैंदर अब्बास एयरपोर्ट के पास हमला किया था. IRGC ने बताया कि हमला स्थानीय समय सुबह करीब 4:50 बजे हुआ. ईरानी मीडिया ने हमले वाले ठिकाने का नाम नहीं बताया, लेकिन चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने फिर कोई कार्रवाई की तो ईरान और भी मजबूत जवाब देगा.
इससे कुछ घंटे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के पास ईरानी ड्रोन अभियानों के खिलाफ कार्रवाई की. अमेरिकी सेना ने चार ईरानी हमले वाले ड्रोनों को मार गिराया, जिन्हें अमेरिकी सैनिकों और व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा माना गया. साथ ही बैंदर अब्बास के पास एक ड्रोन नियंत्रण स्टेशन को भी निशाना बनाया गया. अमेरिकी अधिकारियों ने इसे सीमित और रक्षात्मक बताया.
उनका कहना है कि अप्रैल में शुरू हुए सीजफायर को बनाए रखने के लिए यह जरूरी था, लेकिन ईरान ने अमेरिका पर सीजफायर तोड़ने का आरोप लगाया है. हॉर्मुज में तनावईरानी नौसेना ने एक अमेरिका से जुड़े तेल टैंकर पर चेतावनी के तौर पर गोली चलाई, जिससे टैंकर को पीछे हटना पड़ा. कुछ अन्य जहाजों को भी ईरानी समन्वय के बिना गुजरने की कोशिश करने पर वापस भेज दिया गया.
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के तेल और LNG का बड़ा रास्ता है. युद्ध शुरू होने से पहले यहां से वैश्विक तेल का करीब एक-पांचवां हिस्सा गुजरता था. ईरानी मीडिया के अनुसार, पिछले 24 घंटे में सिर्फ 23 जहाजों को ईरान की अनुमति से गुजरने की इजाजत मिली, जो सामान्य से काफी कम है. इस तनाव से वैश्विक तेल की कीमतें बढ़ गईं. एशियाई बाजार में अमेरिकी क्रूड फ्यूचर्स करीब 2 प्रतिशत चढ़ गए.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान के साथ संभावित समझौते की खबरों को खारिज कर दिया. कैबिनेट बैठक में उन्होंने कहा कि कोई भी देश इस जलडमरूमध्य को नियंत्रित नहीं करेगा. व्हाइट हाउस ने ईरानी मीडिया की रिपोर्ट को फर्जी बताया.
अमेरिका ने ईरान के नए बने पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी पर भी नए प्रतिबंध लगा दिए. यह संस्था जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की अनुमति देती है. बातचीत अटकीतीन महीने पुराने संघर्ष को खत्म करने की कोशिशें अभी अटकी हुई है. First Updated : Thursday, 28 May 2026