नई दिल्ली: अमेरिका की मदद से इजरायल द्वारा किए गए हमलों के बाद ईरान की राजधानी तेहरान में भय और अस्थिरता का माहौल बन गया है. कई अहम ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद ईरान ने इजरायल के खिलाफ सख्त और निर्णायक जवाब देने की बात कही है. इस घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में तनाव को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है.
इजरायली हमलों के बाद ईरान ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह चुप नहीं बैठेगा. एक ईरानी अधिकारी ने शनिवार को रॉयटर्स से कहा कि देश जवाबी कार्रवाई की तैयारी में है और उसकी प्रतिक्रिया "दमदार" होगी. हमलों के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हालात पर करीबी नजर रखी जा रही है.
ईरानी अधिकारी के मुताबिक, हमलों में दक्षिणी तेहरान स्थित कई मंत्रालयों को निशाना बनाया गया. सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने बताया कि देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित तब्रीज शहर में भी विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं.
प्रत्यक्षदर्शियों ने रॉयटर्स को बताया कि हमलों के बाद तेहरान में पेट्रोल स्टेशनों पर लंबी कतारें लग गईं. कई लोग राजधानी छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर रवाना होते दिखे, जिससे संभावित बड़े संघर्ष की आशंका और सार्वजनिक चिंता साफ झलकती है.
एक इजरायली रक्षा अधिकारी ने कहा कि इस सैन्य अभियान की योजना कई महीनों पहले बनाई गई थी. उन्होंने बताया कि ऑपरेशन की शुरुआत की तारीख भी हफ्तों पहले तय कर ली गई थी. इससे संकेत मिलता है कि यह कार्रवाई अचानक नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित रणनीति का हिस्सा थी.
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान में करीब 30 ठिकानों को निशाना बनाया गया. जिनमें सैन्य अड्डे और खुफिया संस्थान शामिल बताए थे.
क्षेत्रीय तनाव बढ़ने का खतरा
हालिया घटनाक्रम दोनों देशों के बीच बीते वर्षों के सबसे गंभीर प्रत्यक्ष टकरावों में से एक माना जा रहा है. यदि ईरान अपनी चेतावनी के अनुरूप जवाबी कदम उठाता है, तो पूरे क्षेत्र में व्यापक तनाव और अस्थिरता बढ़ने की आशंका है.
मध्य-पूर्व पहले से ही कई संघर्षों से जूझ रहा है और ऐसे में ईरान-इजरायल के बीच बढ़ता टकराव बड़े क्षेत्रीय संकट का रूप ले सकता है. First Updated : Saturday, 28 February 2026