तेहरान: ईरान की रिपोर्टों के मुताबिक, एक ईरानी युवा ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. इससे पहले उसने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उसने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान के मौजूदा धार्मिक नेतृत्व के साथ किसी भी तरह का समझौता न करने की अपील की थी. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और उसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया.
ईरानी मीडिया के अनुसार, युवक की पहचान पूरिया हामिदी के रूप में की गई है. वह दक्षिणी बंदरगाह शहर बुशहर का रहने वाला बताया गया है. करीब 10 मिनट 44 सेकंड के इस वीडियो में उसने दावा किया कि उसका उद्देश्य ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर हो रही कार्रवाई को दुनिया के सामने लाना है.
वीडियो में उसने कहा, “अगर आप यह देख रहे हैं तो मैं अब जीवित नहीं हूं.” उसने अपने संदेश के जरिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की और कहा कि देश की जनता अकेले इस व्यवस्था से लड़ने में सक्षम नहीं है.
अमेरिकी नेतृत्व से सीधी अपील
अंग्रेजी में रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो में हामिदी ने सीधे अमेरिकी नेतृत्व को संबोधित किया. उसने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की सरकार के साथ कोई समझौता उन लोगों के साथ अन्याय होगा जिन्होंने विरोध प्रदर्शनों के दौरान अपनी जान गंवाई. उसने यह भी दावा किया कि हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है और इन घटनाओं को वैश्विक स्तर पर गंभीरता से लिया जाना चाहिए. वीडियो के कैप्शन में उसने लिखा, “यह मेरा बलिदान है, कृपया मेरे देश को आज़ाद करें.”
विदेशी हस्तक्षेप की मांग
हामिदी ने अपने बयान में कहा कि ईरानी जनता को बाहरी समर्थन की जरूरत है. उसका कहना था कि मौजूदा हालात में विदेशी दबाव या हस्तक्षेप के बिना बदलाव संभव नहीं है. उसने निर्वासित नेता रजा पहलवी के प्रति समर्थन जताते हुए उन्हें अंतरिम नेतृत्व के लिए उपयुक्त बताया. वीडियो के अंत में उसने फारसी भाषा में लोगों से एकजुट रहने की अपील की और कहा कि ईरानी नागरिकों को एक-दूसरे का साथ देना चाहिए.
आत्महत्या की खबर और बढ़ता तनाव
रिपोर्टों के अनुसार, वीडियो साझा करने के बाद हामिदी ने आत्महत्या कर ली. हालांकि इस घटना की स्वतंत्र पुष्टि के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है. ईरान में हाल के विरोध प्रदर्शनों के बाद कार्रवाई तेज हुई है. हजारों लोगों की गिरफ्तारी की खबरें हैं. हाल ही में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी की सजा बढ़ाए जाने और कुछ प्रमुख असंतुष्ट नेताओं से जुड़े घटनाक्रम ने भी माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया है. First Updated : Tuesday, 10 February 2026