मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर उबाल पर है. ईरान और इजरायल के बीच जारी टकराव अब एक नए मोड़ पर पहुंच चुका है. इजरायल द्वारा शुक्रवार सुबह ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए हमले के जवाब में, ईरान ने शुक्रवार रात और शनिवार तड़के इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलों से जोरदार हमला किया. सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि ईरान की मिसाइलें सीधे तेल अवीव के किरया कंपाउंड यानी 'इजरायली पेंटागन' तक जा पहुंचीं, जो कि इजरायल की सैन्य रणनीति का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है.
इस हमले ने न सिर्फ इजरायल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोली है, बल्कि यह भी दर्शा दिया है कि ईरान अब सीधे इजरायली सैन्य शक्ति को चुनौती देने के मूड में है. अमेरिकी मीडिया और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने इस हमले की पुष्टि की है.
ईरान ने तेल अवीव में स्थित किरया कंपाउंड पर हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल से हमला कर इजरायल को गहरा झटका दिया है. यह वही परिसर है जिसे इजरायल का 'पेंटागन' कहा जाता है, जहां देश के सैन्य निर्णय, खुफिया संचालन और सुरक्षा समन्वय का संचालन होता है.
न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा साझा की गई फुटेज में मार्गनिट टॉवर के पास मिसाइल गिरने की पुष्टि हुई है. फॉक्स न्यूज ने कहा है कि इस हमले में साइट को गंभीर नुकसान हुआ है, और इजरायली सेना के प्रवक्ता एफ्फी डेफ्रिन को अपनी प्रेस ब्रीफिंग बीच में ही रोकनी पड़ी.
फॉक्स न्यूज के रिपोर्टर ट्रे यिंगस्ट ने बताया, "ईरानियों ने बैलिस्टिक मिसाइलों की तीन लहरों में हमला किया है. किरया कंपाउंड की एक इमारत को सीधा हिट किया गया है. ईरान इजरायल के रक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहा है. इससे हालात और भी भयावह हो सकते हैं."
किरया कंपाउंड इजरायल का नर्व सेंटर है, जहां जनरल स्टाफ, उच्च सुरक्षा एजेंसियां और कमांड सिस्टम मौजूद हैं. इसे देश का सबसे सुरक्षित और संवेदनशील स्थल माना जाता है. ऐसे में इस पर हमला केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि ईरान की ओर से एक प्रतीकात्मक संदेश भी है कि वह अब सीधे युद्ध के मैदान में उतर चुका है.
इजरायल के पास दुनिया की सबसे उन्नत मिसाइल डिफेंस सिस्टम्स हैं – जैसे आयरन डोम, डेविड स्लिंग और एरो-3. ऐसे में सवाल यह उठता है कि फिर कैसे ईरानी मिसाइलें तेल अवीव के दिल तक पहुंच गईं? क्या ये रक्षा कवच विफल हो गए या ईरान ने ऐसी तकनीक अपनाई जिससे उन्हें भेदना संभव हो गया? यह हमला इजरायल के सैन्य आत्मविश्वास पर एक बड़ी चोट मानी जा रही है.
फिलहाल, ईरान और इजरायल दोनों तरफ से स्थिति बेहद तनावपूर्ण है. हालांकि किरया में कोई जनहानि नहीं हुई है, लेकिन सैन्य प्रतिष्ठान पर हमला आने वाले समय में और भी गंभीर संघर्ष का संकेत हो सकता है. अमेरिका और अन्य पश्चिमी देश स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. First Updated : Saturday, 14 June 2025