इस्लामाबाद की लाल मस्जिद में गूंजा सवाल-अगर जंग छिड़ी तो किसके साथ खड़े होंगे आप जवाब सुनकर पाकिस्तान में मच गई खलबली

इस्लामाबाद की लाल मस्जिद में मौलवी ने एक विवादित सवाल उठाया है, अगर भारत और पाकिस्तान के बीच जंग छिड़े तो आप किसके साथ खड़े होगें इस सवाल का जवाब सुनकर पाकिस्तान में हड़कंप में गया. यह सवाल न केवल धार्मिक और राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में गहरा असल डालने वाला था, बल्कि पाकिस्तान की अंदरूनी राजनीति में उथल-पुथल मचाने वाला भी साबित हुआ.

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इंटरनेशनल न्यूज.  पाकिस्तान के अंदर हालात और भी गंभीर होते जा रहे हैं, खासकर तब जब Islamabad की लाल मस्जिद में एक मौलवी ने यह सवाल उठाया, "क्या आप भारत के खिलाफ युद्ध में Pakistan का समर्थन करेंगे?" इस सवाल के बाद वहां मौजूद लोग चुप रहे, और किसी ने भी हाथ नहीं उठाया, जिससे पाकिस्तान में बढ़ती असहमति और विरोध की ओर इशारा होता है। इस वीडियो ने पाकिस्तान के भीतर एक बड़ा सवाल खड़ा किया है, जहां लोग अब खुलकर भारत के खिलाफ होने वाली किसी भी सैन्य कार्रवाई से दूर रहना चाहते हैं।

क्या पाकिस्तान के लोग अपने ही देश की सेना के साथ खड़े होंगे?

मौलवी के सवाल का जवाब न देने के पीछे एक बड़ा कारण है—पाकिस्तान के भीतर मौलिक असंतोष और सैन्य उत्पीड़न। विशेष रूप से खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र के मौलवी की वीडियो में यह आवाज उठाई गई है कि पाकिस्तान की सेना ने पश्तूनों पर अत्याचार किए हैं। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के एक वीडियो में एक मौलवी ने कहा, "क्या आप समझते हैं कि हम आपके साथ खड़े होंगे? हमने आपको पश्तूनों पर अत्याचार करते हुए देखा है, और अब हम आपके साथ युद्ध में नहीं जाएंगे।" यह संदेश पाकिस्तान के भीतर बढ़ते असंतोष और विरोध को दिखाता है, और यह संकेत देता है कि पाकिस्तान के नागरिक अपने सैन्य नेतृत्व से नाखुश हैं।

क्या यह अंदरूनी संघर्ष विदेश नीति को प्रभावित करेगा?

पाकिस्तान में लगातार बढ़ते आंतरिक संघर्ष के बीच, हाल ही में खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस और सेना के बीच झड़प का एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में पुलिस अधिकारियों को पाकिस्तानी सेना के खिलाफ खड़ा होते हुए देखा जा सकता है। इस घटनाक्रम ने पाकिस्तान के आंतरिक सुरक्षा हालात को उजागर किया है, खासकर जब पाकिस्तान पहलगाम हमले को लेकर भारत द्वारा की गई कड़ी प्रतिक्रिया का सामना कर रहा है।

भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने और पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा को रद्द करने जैसे कदम उठाए हैं। इससे पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव और बढ़ गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से संपर्क किया और कश्मीर में हुए हमले की निंदा करने तथा जांच में सहयोग करने का आग्रह किया।

पाकिस्तान की नापाक चालों पर अंतरराष्ट्रीय घेराबंदी शुरू

इस बढ़ते तनाव के बीच, भारत ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है और पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी है। भारत ने इस हमले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दिखाते हुए Pakistan to international level पर अलग-थलग करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। सवाल यह उठता है कि क्या पाकिस्तान अब अपनी Terrorist  गतिविधियों को रोकने में सफल होगा या यह तनाव और बढ़ेगा? First Updated : Monday, 05 May 2025

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