सबसे बड़े गैस फील्ड पर हमला, खाड़ी में वैश्विक ऊर्जा संकट का खतरा, ईरान ने सऊदी कतर को दी धमकी
मिडिल ईस्ट में ईरान के पार्स गैस फील्ड पर हमला हुआ, जिससे क्षेत्र में तनाव और खाड़ी देशों में ऊर्जा ठिकानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. इस हमले के बाद ईरान ने सऊदी अरब, यूएई और कतर को चेतावनी दी और जवाबी कार्रवाई की संभावना जताई है.

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष में बुधवार को एक नया और खतरनाक मोड़ सामने आया, जब ईरान के विशाल पार्स गैस फील्ड पर हमला हुआ. यह पहला मौका है जब खाड़ी क्षेत्र में ईरान के ऊर्जा ढांचे को सीधे निशाना बनाया गया. पार्स गैस फील्ड दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस भंडार का हिस्सा है, जिसे ईरान और कतर साझा करते हैं.
गैस टैंकों और रिफाइनरी के कुछ हिस्सों को नुकसान
हमले में गैस टैंकों और रिफाइनरी के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा. इसके बाद कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया और आग बुझाने के लिए इमरजेंसी टीमों को लगाया गया. हमले के बाद ईरान का रुख और सख्त हो गया. ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी की हत्या पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और धमकी दी कि जिम्मेदारों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. खाड़ी क्षेत्र में भी तनाव बढ़ गया है. कतर के रास लफान स्थित ऊर्जा प्रतिष्ठानों को खाली कराया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल बन गया है.
ईरान ने सऊदी अरब, यूएई और कतर के ऊर्जा ठिकानों को संभावित निशाने के तौर पर चुना है. इनमें सऊदी की सैमरेफ रिफाइनरी और जुबैल पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स, यूएई का अल होसन गैस फील्ड, कतर के रास लफान और मेसईद पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स शामिल हैं. इन ठिकानों पर हमले की चेतावनी के बाद खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी गई है.
इजराइली मीडिया के अनुसार, इस हमले में इजराइल की भूमिका हो सकती है. हालांकि, इजराइली सेना ने कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की. वहीं, कतर ने इसे खतरनाक कदम बताया और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए चिंता जताई. ईरान ने जवाबी रुख अपनाते हुए इन देशों को चेतावनी दी कि उनके कई ऊर्जा ठिकाने सीधे निशाने पर हैं.
सुरक्षा तनाव के बीच इजराइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हवाई हमले किए, जिनमें कई इमारतें तबाह हुईं और कम से कम 10 लोगों की मौत हुई. इजराइल ने ईरान के खुफिया मंत्री और सुरक्षा प्रमुख को निशाना बनाया, जबकि ईरान ने तेल अवीव, हाइफा और अन्य शहरों में मिसाइल हमले किए.
संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर
इस संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ा. अमेरिका में डीजल की कीमत 5 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर चली गई. मानवाधिकार संगठन HRANA के अनुसार, इस संघर्ष में अब तक ईरान में 3000 से अधिक, लेबनान में 900 और इजराइल में 14 लोगों की मौत हुई है. लाखों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं.
पार्स गैस फील्ड पर हमला और इसके बाद ईरान की चेतावनी ने संकेत दिया है कि यह संघर्ष अब और बड़े स्तर पर फैल सकता है. पूरे मिडिल ईस्ट की स्थिति और वैश्विक सुरक्षा पर नजरें टिकी हुई हैं.


