नई दिल्ली: इजरायल और फिलिस्तीन के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि सुरक्षा बल कब्जे वाले वेस्ट बैंक में बड़े स्तर पर कार्रवाई के लिए तैयार हैं। उनके इस बयान को इलाके में सैन्य अभियान बढ़ाने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
अल जजीरा से बातचीत में नेतन्याहू ने कहा कि सुरक्षा बलों को गांवों में जाने, घरों की तलाशी लेने, हथियार जब्त करने और संदिग्धों को गिरफ्तार करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'आतंकी ठिकानों' के खिलाफ इजरायल व्यापक कदम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है। पीएम के मुताबिक सेना का फोकस अभी पूरे वेस्ट बैंक में पकड़ मजबूत करने और सुरक्षा अभियानों को और कड़ा करने पर है।
नेतन्याहू का यह बयान ऐसे समय आया है जब वेस्ट बैंक में इजरायली सेना की रोजाना छापेमारी चल रही है। कुछ इलाकों में इजरायली बस्तियों के लोगों की ओर से हमलों की खबरें भी सामने आई हैं। इसी पृष्ठभूमि में उनके बयान को मौजूदा अभियान को और आगे ले जाने की तैयारी माना जा रहा है।
दूसरी तरफ वेस्ट बैंक के फिलिस्तीनी नागरिकों का कहना है कि उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। 'यूथ अगेंस्ट सेटलमेंट्स' के संस्थापक ईसा अमरो ने अल जजीरा से बात करते हुए बताया कि कब्जे वाले इलाकों में रहने वाले लोग हर दिन हिंसा और डर के बीच जी रहे हैं।
उनके अनुसार पिछले कुछ महीनों में हमलों की संख्या काफी बढ़ गई है। जब भी कोई नागरिक अपने घर, परिवार या संपत्ति बचाने की कोशिश करता है, तो उसे या तो निशाना बनाया जाता है या हिरासत में ले लिया जाता है।
ईसा अमरो ने दावा किया कि लगातार हो रहे हमलों और दबाव की वजह से पिछले कुछ सालों में 20 से ज्यादा फिलिस्तीनी समुदाय अपने गांव छोड़ चुके हैं। सैकड़ों परिवार अपनी जमीन, घर और बस्तियां छोड़ने को मजबूर हुए हैं। उन्होंने इसे 'जातीय सफाए' जैसा कदम बताया।
वेस्ट बैंक में पिछले कई हफ्तों से इजरायली सेना के ऑपरेशन और झड़पों की खबरें आ रही हैं। एक तरफ सेना तलाशी अभियान चला रही है, दूसरी तरफ बस्तियों और फिलिस्तीनी इलाकों के बीच टकराव बढ़ रहा है। इसकी वजह से आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है। स्कूल, बाजार और सड़कें बंद हो रही हैं। कई इलाकों में कर्फ्यू जैसी स्थिति बनी हुई है।
नेतन्याहू के ताजा बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें वेस्ट बैंक पर टिकी हैं। विश्लेषकों का मानना है कि अगर इजरायल बड़े पैमाने पर ऑपरेशन शुरू करता है तो हिंसा और बढ़ सकती है।
फिलहाल इलाके में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। एक ओर सेना की कार्रवाई जारी है, दूसरी ओर स्थानीय लोग सुरक्षा और अपने घरों को लेकर चिंतित हैं। आने वाले दिनों में स्थिति किस करवट लेती है, यह देखना अहम होगा। First Updated : Sunday, 26 July 2026