इजरायली रक्षा मंत्री का बड़ा दावा, 'ईरानी इंटेलिजेंस चीफ इस्माइल खतीब की मौत'

ईरान पर लगातार अमेरिकी और इजरायली हमले जारी हैं. इजरायल ने दावा किया कि ईरान के इंटेलिजेंस मंत्री इस्माइल खतीब मारे गए हैं. तुर्की ने इसे अवैध हत्या करार दिया है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की संभावना है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

ईरान में युद्ध का आज 19वां दिन है और स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है. अमेरिकी और इजरायली हमले लगातार जारी हैं. वहीं, ईरान भी इजरायल और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई कर रहा है. इस बीच, इजरायल ने एक बड़ा दावा किया है. इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने बुधवार को बताया कि रात भर चले इजराइली रक्षा बलों के हमलों में ईरान के इंटेलिजेंस मंत्री इस्माइल खतीब की मौत हो गई है. हालांकि, ईरान की ओर से अभी तक इस मौत की पुष्टि नहीं की गई है.

काट्ज़ ने क्या कहा?

काट्ज़ ने इस बारे में कहा कि आज पूरे दिन सभी मोर्चों पर बड़े सरप्राइज की उम्मीद है. उन्होंने यह भी बताया कि इज़राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सेना को किसी भी अन्य वरिष्ठ ईरानी अधिकारी को निशाना बनाने की पूरी छूट दे रखी है. यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह दो दिन में ईरान के तीसरे बड़े नेता की हत्या होगी. इससे पहले मंगलवार को ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी और बसीज बल के प्रमुख गुलाम रजा सुलेमानी को इजरायल द्वारा मार गिराए जाने का दावा किया गया था.

इस्माइल खतीब ईरान के एक वरिष्ठ शिया धर्मगुरु और काबिल इंटेलिजेंस अधिकारी थे. उन्होंने ईरान की न्यायपालिका और खुफिया मंत्रालय में कई अहम पदों पर काम किया था. 1980 के दशक में ईरान-इराक युद्ध के दौरान खतीब ने रिवोल्यूशनरी गार्ड में सेवा दी थी. उनकी साइबर गतिविधियों के कारण 2022 में अमेरिका ने उन पर प्रतिबंध लगा दिया था. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, खतीब साइबर जासूसी और रैनसमवेयर हमलों से जुड़े नेटवर्क का नेतृत्व कर रहे थे. खतीब का जन्म 1960 में ईरान के दक्षिण खोरासान प्रांत के घायनात जिले में हुआ था.

इज़राइल की कार्रवाइयों पर तुर्की की प्रतिक्रिया

इज़राइल की इन कार्रवाइयों पर तुर्की ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. तुर्की के विदेश मंत्री हकन फ़िदान ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ अवैध राजनीतिक हत्याएं करार दिया. विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर लगातार हमले क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकते हैं. ऐसे हालात में युद्ध और व्यापक और जटिल रूप ले सकता है, जिससे मानव और रणनीतिक नुकसान की संभावना बढ़ जाती है.

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