फिर भड़क सकती है जंग! ट्रंप की चेतावनी 'जरूरत पड़ी तो फिर करेंगे स्ट्राइक'

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है. ईरान के नए प्रस्ताव को लेकर जहां उम्मीदें जगी थीं, वहीं डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी ने हालात को फिर से गंभीर बना दिया है. अब सवाल यही है कि क्या जंग फिर से शुरू होगी?

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव थमता नजर नहीं आ रहा है. युद्ध को दो महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक किसी ठोस समझौते पर सहमति नहीं बन पाई है. हाल ही में ईरान ने एक नया प्रस्ताव पेश किया, जिसमें तत्काल युद्धविराम और होर्मुज खाड़ी खोलने की बात कही गई थी, जबकि परमाणु मुद्दे पर चर्चा को बाद के लिए टालने का सुझाव दिया गया था.

हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं दिखे. उन्होंने एक बार फिर सैन्य कार्रवाई की संभावना जताते हुए संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका दोबारा स्ट्राइक कर सकता है, हालांकि उन्होंने प्रस्ताव की समीक्षा करने की बात भी कही है.

ट्रंप ने दी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी

फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य हमले दोबारा शुरू किए जा सकते हैं. उन्होंने अमेरिकी नाकेबंदी को “बहुत दोस्ताना” बताते हुए कहा कि इसे कोई चुनौती नहीं दे रहा है.

ईरान का नया प्रस्ताव क्या है?

एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने गुमनाम रहते हुए बताया कि ईरान ने हाल ही में एक नया प्रस्ताव रखा है, जिसमें तीन प्रमुख बिंदु शामिल हैं:

  • युद्ध तुरंत बंद किया जाए और अमेरिका व इजरायल यह गारंटी दें कि भविष्य में हमला नहीं करेंगे.
  • ईरान होर्मुज खाड़ी को खोल देगा, बदले में अमेरिका अपनी नाकेबंदी हटाएगा.
  • परमाणु मुद्दे पर बातचीत फिलहाल टाल दी जाए और इसे बाद में बेहतर माहौल बनने पर उठाया जाए.

ईरान ने यह भी संकेत दिया कि वह अस्थायी रू प से यूरेनियम संवर्धन (Enrichment) रोकने को तैयार हो सकता है, लेकिन वह चाहता है कि अमेरिका यह माने कि उसे शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए इसका अधिकार है.

ट्रंप ने प्रस्ताव क्यों ठुकराया?

शनिवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा,"ईरान के मामले में हम बहुत अच्छा कर रहे हैं. वो डील करना चाहते हैं. वो तबाह हो चुके हैं. उन्हें समझ नहीं आ रहा कि उनका नेता कौन है क्योंकि उनका नेता खामेनेई जा चुका है."

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वे ईरान के प्रस्ताव की समीक्षा करेंगे.

इससे पहले शुक्रवार को व्हाइट हाउस में उन्होंने कहा था,"वो ऐसी चीजें मांग रहे हैं जिन पर मैं राजी नहीं हो सकता."
लेकिन उन्होंने स्पष्ट नहीं किया कि किन शर्तों पर उन्हें आपत्ति है.

परमाणु मुद्दे पर अड़ा अमेरिका

अमेरिका का रुख शुरू से स्पष्ट रहा है कि जब तक ईरान के परमाणु हथियार बनाने की संभावना पूरी तरह समाप्त नहीं होती, तब तक युद्ध समाप्त नहीं होगा. वहीं ईरान लगातार यह दावा करता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है.

वर्तमान स्थिति क्या है?

पिछले चार हफ्तों से जंगबंदी लागू है, लेकिन कोई स्थायी समझौता नहीं हो सका है. ईरान का प्रस्ताव खारिज हो चुका है और दोनों देशों के बीच नाकेबंदी जारी है. इसका असर वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की आपूर्ति पर भी पड़ रहा है.

इस बीच पाकिस्तान ने मध्यस्थता की कोशिश की है, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है. अगली बातचीत कब होगी, इस पर भी कोई स्पष्ट तारीख सामने नहीं आई है.

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