गाजा पट्टी से एक दिल को हिला देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक इजरायली बंधक कमजोर अवस्था में खुद अपनी कब्र खोदता दिखाई दे रहा है. इस वीडियो ने हमास की क्रूरता और गाजा में जारी मानवीय संकट को एक बार फिर दुनिया की नजरों में ला दिया है. बीते 48 घंटों में यह दूसरी बार है जब किसी इजरायली बंधक का ऐसा वीडियो सार्वजनिक हुआ है. इस दृश्य ने इजरायल की जनता और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू दोनों को गहरे सदमे में डाल दिया है.
वीडियो में जो युवक नजर आ रहा है, उसका नाम इव्यातर डेविड है और वह केवल 24 वर्ष का है. वह 7 अक्टूबर 2023 को हमास के आतंकी हमले के दौरान अगवा किए गए बंधकों में से एक है. वीडियो में डेविड बेहद दुर्बल, भूखा और असहाय दिख रहे हैं. उनका शरीर कमजोर हो चुका है और आवाज बेहद धीमी हो गई है. उन्हें चलने में तकलीफ हो रही है, और वह फावड़े से सुरंग की ज़मीन खोदते हुए कहते हैं, “मैं अपनी ही कब्र खोद रहा हूं.”
डेविड के परिजनों ने यह वीडियो सामने लाने की इजाजत दी है ताकि दुनिया को यह बताया जा सके कि युद्ध के दौरान इंसानियत सबसे पहले दम तोड़ती है. परिवार ने एक बयान में कहा कि "हमारे बेटे को जानबूझकर भूखा रखा गया है और उसका इस्तेमाल प्रचार सामग्री की तरह किया जा रहा है. यह अमानवीयता की चरम सीमा है."
डेविड उन 49 बंधकों में से हैं, जिन्हें हमास और उसके सहयोगी संगठनों ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमले के दौरान पकड़ा था. उस दिन के आतंकी हमले में 1,219 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें बड़ी संख्या में निर्दोष नागरिक शामिल थे. इसके बाद इजरायल ने गाजा पर व्यापक सैन्य कार्रवाई की, जिसमें अब तक 60,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है.
वीडियो के सामने आने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने डेविड के परिवार से संपर्क किया और वीडियो को “बेहद दर्दनाक” करार दिया. उन्होंने कहा कि इजरायली सरकार सभी बंधकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है. उन्होंने हमास पर बंधकों को मानसिक और शारीरिक रूप से यातना देने का आरोप भी लगाया.
हमास और इस्लामिक जिहाद ने एक और वीडियो जारी किया है, जिसमें 21 वर्षीय जर्मन-इजरायली नागरिक रोम ब्रासलावस्की को भी कमजोर और बीमार अवस्था में दिखाया गया है. इन वीडियो क्लिप्स के सामने आने के बाद इजरायल में रोष और अधिक बढ़ गया है. शनिवार को तेल अवीव में हजारों लोगों ने एक बड़े विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया, जिसमें बंधकों की जल्द रिहाई की मांग की गई.
First Updated : Sunday, 03 August 2025