ईरान वार्ता के लिए इस्लामाबाद पहुंचे जेडी वेंस, आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने किया स्वागत
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच युद्धविराम की अहम बातचीत शुरू हो गई है. दोनों पक्षों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल पहुंच चुके हैं. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शनिवार को इस्लामाबाद पहुंचे, उनके साथ विशेष राजदूत स्टीव विटकॉफ और सलाहकार जारेड कुशनर भी मौजूद हैं.

नई दिल्ली: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अन्य उच्च स्तरीय अधिकारियों के साथ ईरान के साथ सीजफायर पर वार्ता के लिए इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं. उनके साथ विशेष राजदूत स्टीव विटकॉफ और सलाहकार जेरेड कुशनर भी शामिल हैं. ईरानी प्रतिनिधिमंडल पहले ही पाकिस्तान की राजधानी पहुंच चुका है.
पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने एयरपोर्ट पर ईरानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया. शनिवार को इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच अहम वार्ता होने वाली है, जिसकी तैयारियां जोरों पर हैं.
ईरानी प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख नेता
ईरान की ओर से संसद स्पीकर मोहम्मद बाकिर गालिबाफ वार्ता में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं. उनके साथ विदेश मंत्री अब्बास अराघची, सुप्रीम नेशनल डिफेंस काउंसिल के सचिव अली अकबर अहमदियन, सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेमती और संसद के कई अन्य सदस्य मौजूद हैं. ईरानी प्रतिनिधिमंडल एक दिन पहले ही इस्लामाबाद पहुंच गया था.
ट्रंप ने घोषित किया दो सप्ताह का विराम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ईरान के खिलाफ अमेरिकी हमलों में दो सप्ताह का विराम घोषित किया था. यह घोषणा संघर्ष के दौरान अमेरिका के शामिल होने के 40 दिन बाद आई है. ईरान की ओर से पेश 10 सूत्री प्रस्ताव को ट्रंप ने वार्ता के लिए कारगर आधार बताया है. इसमें सभी मोर्चों पर आक्रामक कार्रवाई रोकने की शर्त शामिल है, जिसमें लेबनान भी शामिल है.
गालिबाफ की शर्तें और अमेरिका पर अविश्वास
स्पीकर मोहम्मद बाकिर गालिबाफ ने शुक्रवार को स्पष्ट कहा था कि लेबनान में युद्धविराम और ईरान की रोकी गई संपत्तियों की रिहाई, अमेरिका के साथ वार्ता शुरू करने से पहले आवश्यक शर्तें हैं. इस्लामाबाद पहुंचने पर गालिबाफ ने कहा, हमारे पास सद्भावना है, लेकिन हमें दूसरे पक्ष पर भरोसा नहीं है. उन्होंने आगे कहा, एक वर्ष से भी कम समय में दो बार, वार्ता के दौरान और ईरान की सद्भावना के बावजूद, अमेरिका ने हम पर हमला किया और कई युद्ध अपराध किए.
गालिबाफ ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अमेरिका वास्तविक समझौते के लिए तैयार होगा और ईरानी जनता के अधिकारों को मान्यता देगा, तभी ईरान समझौते के लिए तत्परता दिखाएगा. अगर अमेरिका वार्ता को भ्रामक प्रक्रिया” के रूप में इस्तेमाल करता है, तो ईरान अपनी क्षमताओं के बल पर अपने राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा करने के लिए पूरी तरह तैयार है.
इजरायल ने तेज किए लेबनान पर हमले
ट्रंप की विराम घोषणा के बावजूद इजरायल ने लेबनान पर अपने हमले तेज कर दिए हैं. इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है. वार्ता में किसी तरह का खलल न पड़े, इसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत की है.


