ईरान के सीजफायर ड्राफ्ट पर बवाल, जेडी वेंस ने कहा- 'पहला प्रस्ताव ChatGPT से लिखवाया था'
ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर को लेकर तीन अलग-अलग प्रस्तावों ने बातचीत में भ्रम पैदा कर दिया, जिनमें से एक को जेडी वेंस ने AI (ChatGPT) से बना बताया. अमेरिका ने ईरान के दावों को खारिज करते हुए प्रस्तावों को असंतुलित बताया, जबकि इज़रायल-लेबनान तनाव के बीच क्षेत्र की स्थिति और संवेदनशील बनी हुई है.

ईरान और अमेरिका के बीच संभावित संघर्ष-विराम को लेकर जारी कूटनीतिक हलचल के बीच अब इसके प्रारूप (ड्राफ्ट) को लेकर नई बहस छिड़ गई है. शुरुआत में व्हाइट हाउस ने दावा किया था कि डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है. वहीं, अब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने खुलासा किया है कि ईरान की ओर से एक नहीं, बल्कि तीन अलग-अलग प्रस्ताव भेजे गए थे.
दोनों देशों के बीच शुरू हो सकती है वार्ता
उन्होंने यह भी कहा कि पहला प्रस्ताव इतना असंगत था कि उन्हें लगा मानो इसे किसी AI टूल, जैसे ChatGPT की मदद से तैयार किया गया हो. वेंस के मुताबिक इन तीनों प्रस्तावों ने बातचीत की दिशा को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है. फिलहाल उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों देशों के बीच वार्ता 11 अप्रैल से इस्लामाबाद में शुरू हो सकती है. इससे पहले ईरान ने दो सप्ताह के संघर्ष-विराम की घोषणा के बाद दावा किया था कि अमेरिका उसके 10-सूत्रीय प्रस्ताव से सहमत हो गया है. इस प्रस्ताव में युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई और यूरेनियम संवर्धन की अनुमति जैसी अहम शर्तें शामिल थीं. हालांकि, अमेरिका ने इन दावों को सिरे से नकार दिया है.
रिपोर्ट के अनुसार, वेंस ने बताया कि पहले प्रस्ताव को तुरंत खारिज कर दिया गया था. उन्होंने कहा कि वार्ता टीम के सदस्य स्टीव विटकॉफ़ और जेरेड कुशनर ने इसे गंभीरता से लेने लायक नहीं समझा. इसके बाद आया दूसरा प्रस्ताव अपेक्षाकृत संतुलित और व्यवहारिक था, जिसे पाकिस्तान और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच चर्चा के बाद तैयार किया गया था. वेंस के अनुसार, ट्रंप ने अपने आधिकारिक बयान में इसी संस्करण का उल्लेख किया था.
तीसरे प्रस्ताव पर वेंस की तीखी प्रतिक्रिया
हालांकि तीसरे प्रस्ताव को लेकर वेंस ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने इसे पहले प्रस्ताव से भी अधिक कठोर और एकतरफा बताया, जिसमें अमेरिका के हितों के लिए कोई स्थान नहीं था. इस बीच वेंस ने ईरान से अपील की कि वह नाजुक संघर्ष-विराम को बिगाड़ने से बचे. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समझौते में लेबनान को कभी शामिल नहीं किया गया था.
वेंस के इस बयान के समानांतर, क्षेत्र में तनाव बना हुआ है. इज़रायल ने हाल ही में लेबनान में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिसमें कई लोगों की जान गई और सैकड़ों घायल हुए. ईरान ने लेबनान को भी संघर्ष-विराम में शामिल करने की मांग की है, जिसे वह क्षेत्रीय शांति के लिए आवश्यक मानता है.


