अमेरिका-ईरान डील के बीच इजरायल पीएम नेतन्याहू का बड़ा ऐलान, कहा 'परमाणु खतरा खत्म करना जरूरी'
बेंजामिन नेतन्याहू ने X पर पोस्ट करके बताया कि उन्होंने शनिवार रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की। ट्रंप भी इस बात से सहमत हैं कि ईरान से संवर्धित परमाणु सामग्री हटाई जानी चाहिए।

नई दिल्ली: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार, 24 मई 2026 को साफ कहा कि ईरान के साथ किसी भी शांति समझौते से पहले परमाणु खतरे को खत्म करना जरूरी है। उन्होंने ईरान की परमाणु संवर्धन साइटों को पूरी तरह बंद करने की मांग दोहराई।
ट्रंप से बातचीत का किया जिक्र
बेंजामिन नेतन्याहू ने X पर पोस्ट करके बताया कि उन्होंने शनिवार रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की। ट्रंप भी इस बात से सहमत हैं कि ईरान से संवर्धित परमाणु सामग्री हटाई जानी चाहिए। नेतन्याहू ने कहा कि ट्रंप ने लेबनान समेत सभी मोर्चों पर खतरों के खिलाफ इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार की फिर पुष्टि की है।
अमेरिका-इजरायल की साझेदारी सबसे मजबूत
नेतन्याहू ने ट्रंप का आभार जताते हुए कहा कि इजरायल की सुरक्षा के लिए उनका समर्पण अटूट है। उन्होंने ऑपरेशन रोरिंग लायन और एपिक फ्यूरी का जिक्र किया। इन अभियानों में अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने ईरान के खतरे के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया था। नेतन्याहू ने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी युद्ध के मैदान में साबित हुई है और यह पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है।
I spoke last night with President @realDonaldTrump about the memorandum of understanding to reopen the Straits of Hormuz and the upcoming negotiations toward a final agreement on Iran’s nuclear program.
— Benjamin Netanyahu - בנימין נתניהו (@netanyahu) May 24, 2026
I expressed my deep appreciation to President Trump for his unwavering…
ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे
नेतन्याहू ने दोहराया कि उनकी नीति ट्रंप की तरह ही है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। यह रुख उन्होंने ट्रंप से फोन पर हुई बातचीत के बाद फिर से सामने रखा।
परमाणु कार्यक्रम पर मतभेद बरकरार
नेतन्याहू का बयान ट्रंप के ट्रुथ सोशल पोस्ट के कुछ देर बाद आया। ट्रंप ने कहा था कि ईरान से बातचीत जारी है, लेकिन समझौता होने तक होर्मुज जलडमरूमध्य या प्रतिबंधों में कोई राहत नहीं मिलेगी। ईरान का परमाणु कार्यक्रम ही वह मुद्दा है जिसकी वजह से पाकिस्तान में पहले दौर की बातचीत फेल हो गई थी। ईरान कहता है कि उसका कार्यक्रम नागरिक उपयोग के लिए है। वहीं अमेरिका और इजरायल का आरोप है कि वह परमाणु हथियार बना रहा है।
ट्रंप और नेतन्याहू के बीच तनाव की खबरें
गौरतलब है कि Axios और CNN की रिपोर्ट के मुताबिक इस हफ्ते की शुरुआत में ट्रंप और नेतन्याहू के बीच फोन पर तनावपूर्ण बातचीत हुई थी। रिपोर्ट कहती है कि नेतन्याहू ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत के सख्त आलोचक हैं।
वह हमले दोबारा शुरू करना चाहते थे। नेतन्याहू ने ट्रंप से ईरान पर हमले जारी रखने को कहा, जबकि ट्रंप कूटनीति पर जोर दे रहे थे। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब दोनों सहयोगियों के बीच मतभेद की खबर आई हो। हाल ही में ट्रंप ने कहा था कि नेतन्याहू वही करेंगे जो वह चाहते हैं।


