पाकिस्तान में बलोच लिबरेशन आर्मी का बड़ा हमला: क्वेटा में ट्रेन में किया ब्लास्ट, 2 दर्जन से ज्यादा मौत

चश्मदीदों के मुताबिक चमन फाटक के पास विस्फोटक से भरी एक मिनीवैन ट्रेन से टकराई। टक्कर के साथ ही जबरदस्त धमाका हुआ। आवाज इतनी तेज थी कि आसपास की इमारतों और खड़ी गाड़ियों के शीशे चकनाचूर हो गए।

Sachin Hari Legha

नई दिल्ली: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा में रविवार को बड़ा आतंकी हमला हुआ। क्वेटा कैंटोनमेंट से रेलवे स्टेशन जा रही सैन्य शटल ट्रेन को निशाना बनाया गया। इस धमाके में 24 से ज्यादा लोगों की जान चली गई और 70 से अधिक लोग घायल हो गए। प्रतिबंधित संगठन बलोच लिबरेशन आर्मी यानी BLA ने हमले की जिम्मेदारी ली है।

चमन फाटक के पास हुआ धमाका   

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चश्मदीदों के मुताबिक चमन फाटक के पास विस्फोटक से भरी एक मिनीवैन ट्रेन से टकराई। टक्कर के साथ ही जबरदस्त धमाका हुआ। आवाज इतनी तेज थी कि आसपास की इमारतों और खड़ी गाड़ियों के शीशे चकनाचूर हो गए। रेलवे मंत्री हनीफ अब्बासी ने बताया कि धमाके में ट्रेन का इंजन और तीन डिब्बे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए।

ट्रेन में सवार थे सैनिक और आम लोग   

BLA के बयान में कहा गया कि ट्रेन में 165 सैनिक, 11 जूनियर कमीशंड ऑफिसर, 109 नए भर्ती हुए जवान और 37 परिवार के सदस्य मौजूद थे। पाकिस्तान रेलवे मंत्री ने भी माना कि ट्रेन में आम नागरिक यात्री थे। बड़ी संख्या में लोग बकरीद के त्योहार पर घर जाने के लिए आगे की ट्रेन पकड़ने का इंतजार कर रहे थे।

हमलावर की पहचान बताई   

BLA ने बताया कि यह आत्मघाती हमला था। हमलावर का नाम बिलाल शाहवानी उर्फ सैन था। संगठन के अनुसार 25 साल का बिलाल क्वेटा के सरियाब इलाके का रहने वाला था। उसने 2020 में बलोच प्रतिरोध आंदोलन से जुड़कर काम शुरू किया था। 2022 में अपनी सैन्य क्षमता और अनुशासन की वजह से वह BLA की फिदायीन टुकड़ी मजीद ब्रिगेड में शामिल हुआ।

पहले भी कई ऑपरेशन में रहा शामिल   

BLA का दावा है कि बिलाल दश्त, कोंबिला, क्वेटा और कलात में कई गुरिल्ला ऑपरेशन कर चुका था। वह ऑपरेशन हीरोफ-1 और ऑपरेशन हीरोफ-2 में भी अहम भूमिका निभा चुका था। संगठन ने कहा कि इस हमले से उनकी खुफिया शाखा जर्ब की ताकत सामने आई है।

आजादी तक संघर्ष जारी रखने का दावा   

BLA ने कहा कि उनका सशस्त्र संघर्ष तब तक चलता रहेगा जब तक बलूचिस्तान को पूरी आजादी नहीं मिल जाती। संगठन ने इस हमले को अपनी रणनीति और पहुंच का सबूत बताया। पाकिस्तान में हाल के महीनों में बलूचिस्तान में ऐसे हमले बढ़े हैं।

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