भारत में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाला पाकिस्तान अब खुद आंतरिक विद्रोह की चपेट में है. बलूचिस्तान में विद्रोही गुटों ने खुलकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. सरकारी इमारतों को जलाने, हाईवे बंद करने और लोगों से पूछताछ जैसी घटनाएं अब आम होती जा रही हैं. इस बार बलूच लिबरेशन आर्मी के कथित हमले ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है.
पाकिस्तान, जो खुद भारत में आतंकवाद को बढ़ावा देता है, अब अपने ही देश के अंदर गहरे संकट से जूझ रहा है। हाल ही में बलूचिस्तान के कलात जिले में बड़ी हिंसक घटना सामने आई है। यहां मोंगोचार इलाके में बंदूकधारी लोगों ने कराची-को क्वेटा से जोड़ने वाले हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया। रास्ते से गुजरने वाले वाहनों को रोककर उनकी तलाशी ली गई और कई बसों व कारों में बैठे लोगों को उतारकर पूछताछ की गई.
हमलावरों ने वहां मौजूद कई सरकारी इमारतों में आग लगा दी, जिनमें नेशनल बैंक ऑफ पाकिस्तान, एक स्थानीय अदालत और अन्य विभागों के दफ्तर शामिल थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इस हमले में इमारतों को भारी नुकसान हुआ है। ऐसी भी खबर है कि पास के एक आर्मी कैंप को भी निशाना बनाया गया, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
बताया जा रहा है कि यह हमला बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) द्वारा किया गया था। उनका मकसद खास तौर पर पंजाबी मूल के लोगों को टारगेट करना था। इसीलिए उन्होंने वहां यात्रियों की पहचान पूछी और पंजाबी निकले तो उनकी जान को खतरा था। इससे पहले भी बलूच विद्रोही कई बार इस तरह की टारगेट किलिंग कर चुके हैं.
एक और घटना में शुक्रवार रात मोटरसाइकिल पर सवार हथियारबंद लोगों ने एक चेक पोस्ट पर हमला कर टोल वसूलने वाले हक नवाज लांगोवे की गोली मारकर हत्या कर दी। इतना ही नहीं, सड़क पर बना एक पुल भी बम से उड़ाया गया। हालांकि इस विस्फोट में किसी को चोट नहीं आई. First Updated : Saturday, 03 May 2025