नई दिल्ली: अमेरिकी हमले तेज होने के बाद ईरान ने पलटवार में दुनिया को हिला देने वाली चेतावनी दे दी है। ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका अपनी "आक्रामक हरकतें" बंद नहीं करता तो वो होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद कर देगा। साथ ही खाड़ी देशों से तेल-गैस ले जाने वाले दूसरे रास्तों को भी निशाना बनाया जाएगा। ईरान का साफ संदेश है - खाड़ी से तेल निर्यात या तो सबके लिए खुलेगा, या किसी के लिए नहीं।
ईरानी सरकारी TV पर बुधवार को सेना का बयान आया। इसमें कहा गया कि अमेरिकी हमलों के जवाब में 'ऑपरेशन लाइटनिंग' का सातवां चरण शुरू कर दिया गया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर IRGC ने बयान में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य तब तक बंद रहेगा जब तक अमेरिका हमले नहीं रोकता। IRGC ने चेतावनी दी कि अगर US रुका नहीं तो खाड़ी के दूसरे वैकल्पिक जलमार्ग भी निशाने पर होंगे।
IRGC का कहना है, "अमेरिका ने हिन्द महासागर के रास्ते रोककर दुनियाभर के तेल-गैस निर्यात को खतरे में डाला है। ऐसे में हम उन रास्तों को बंद कर देंगे जिनसे अमेरिका और उसके सहयोगियों को फायदा हो रहा है।"
हालांकि IRGC ने ये साफ नहीं किया कि होर्मुज के अलावा वो और कौन से रास्ते बंद करेगा। लेकिन "सबके लिए या किसी के लिए नहीं" वाली लाइन से संकेत है कि पूरी खाड़ी में सप्लाई रोकने की तैयारी है।
दुनिया का करीब 20% तेल और बड़ी मात्रा में LNG इसी होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरती है। ये सऊदी, UAE, कतर, कुवैत और ईरान का मुख्य निर्यात मार्ग है। अगर ये बंद होता है तो वैश्विक ऊर्जा कीमतें तुरंत उछल सकती हैं। अमेरिका ने पिछले दिनों ग्रेटर टुनब द्वीप और ईरान के दूसरे सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे। उसी के जवाब में ईरान ने ये कड़ा रुख अपनाया है।
ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमानपुर ने बताया कि मंगलवार रात से बुधवार तक हुए हमलों में 260 से ज्यादा ईरानी नागरिक घायल हुए हैं। ये संख्या हाल के किसी भी हमले से ज्यादा है। ईरानी सेना ने सरकारी TV पर ऐलान किया कि वह "अमेरिका की इस कार्रवाई का निर्णायक जवाब" देगी।
ईरान की इस धमकी के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की आशंका बढ़ गई है। खाड़ी देशों और एशिया-यूरोप के लिए ये रास्ता लाइफलाइन है। यदि होर्मुज समेत दूसरे रास्ते बंद हुए तो सप्लाई चेन पर सीधा असर पड़ेगा।
अभी दोनों देशों में बातचीत के आसार नहीं दिख रहे। US हमले तेज कर रहा है और ईरान पलटवार में ऊर्जा रास्ते बंद करने की बात कर रहा है। अगला कदम क्या होगा, इस पर पूरी दुनिया की नजर है। First Updated : Wednesday, 15 July 2026