नई दिल्ली: पाकिस्तान से एक अहम खबर सामने आई है, जहां जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर के भाई मोहम्मद ताहिर अनवर का निधन हो गया है. हालांकि उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका अब तक कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है, जिससे कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं.
ताहिर अनवर लंबे समय से जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा हुआ था और संगठन की गतिविधियों में उसकी सक्रिय भूमिका मानी जाती थी. उसकी मौत की पुष्टि संगठन के आधिकारिक माध्यम से की गई, जिसमें अंतिम संस्कार की जानकारी भी साझा की गई है.
जैश-ए-मोहम्मद की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, मोहम्मद ताहिर अनवर का अंतिम संस्कार सोमवार देर रात पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित जामिया मस्जिद उस्मान वली में किया जाएगा. संगठन ने उसकी मौत की पुष्टि तो की है, लेकिन इसके पीछे की वजह को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है.
सूत्रों के अनुसार, ताहिर अनवर की मौत के कारणों को लेकर अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. न तो किसी बीमारी का जिक्र किया गया है और न ही किसी विशेष घटना का, जिससे इस मामले को लेकर रहस्य और गहरा हो गया है.
जैश-ए-मोहम्मद का नाम भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़ा रहा है. इनमें साल 2001 का संसद हमला, 2016 का पठानकोट एयरबेस हमला, उरी में 19 सैनिकों की शहादत और 2019 का पुलवामा हमला शामिल है, जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवानों ने अपनी जान गंवाई थी.
भारतीय सेना ने पाकिस्तान के भीतर जैश-ए-मोहम्मद के कई ठिकानों को निशाना बनाया है, जिसमें बहावलपुर स्थित उसका मुख्यालय भी शामिल है. इन हमलों के दौरान मसूद अजहर के कई करीबी रिश्तेदार मारे गए थे.
पिछले साल सितंबर में संगठन ने पहली बार अप्रत्यक्ष रूप से इन नुकसानों को स्वीकार किया था. एक वरिष्ठ कमांडर ने माना था कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत बहावलपुर में हुए हमले में अजहर के परिवार के सदस्य मारे गए थे. यह कार्रवाई पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी.
भारतीय हमलों के दौरान कई आतंकी ठिकाने पूरी तरह से नष्ट कर दिए गए थे. बहावलपुर स्थित जामिया मस्जिद सुभान अल्लाह को भी भारी नुकसान पहुंचा था. इस हमले में मसूद अजहर के करीब 10 रिश्तेदार मारे गए थे, जिनमें उसकी बहन, बहनोई, भतीजा, भतीजी और परिवार के अन्य सदस्य शामिल थे. इसके अलावा संगठन के कई सहयोगी भी मारे गए थे. First Updated : Tuesday, 31 March 2026