भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने पाकिस्तान को हिला कर रख दिया है. पाकिस्तान सेना ने दावा किया है कि भारत ने बीती रात उसके 4 अहम एयरबेस पर मिसाइल हमले किए हैं. पाकिस्तान के अनुसार, भारत ने ये हमला जालंधर स्थित आदमपुर एयरबेस से 6 बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर किया. हालांकि, भारत सरकार की ओर से इस हमले को लेकर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
इस घटना के बाद, पाकिस्तान ने अपनी हवाई सीमाओं को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है और एयरबेसों पर NOTAM (Notice to Airmen) जारी कर दिया गया है. पाकिस्तानी सेना की ओर से जारी बयान के अनुसार, भारत का ये कदम गैर-जिम्मेदाराना और काफी खतरनाक है. इसी बीच, भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने पाकिस्तान की ओर से किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया.
पाकिस्तान ने भारत के इस हमले के जवाब में फतेह-2 मिसाइल और कई हथियारबंद ड्रोन से हमला करने का दावा किया है. हालांकि, भारत की एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम ने इन सभी खतरों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया. भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, देश को किसी भी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है, लेकिन सीमा पर तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच चुका है.
पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क विभाग ISPR के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भारत की ओर से 6 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई हैं. ये सभी मिसाइलें जालंधर के आदमपुर एयरबेस से छोड़ी गई. ये कदम बेहद गैर-जिम्मेदाराना और खतरनाक है. अगर भारत का आक्रामक रुख जारी रहा, तो हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो सकते हैं.
हमले के बाद पाकिस्तान ने अपने 4 एयरबेसों को अस्थायी रूप से बंद कर वहां हाई अलर्ट जारी कर दिया है. इसके साथ ही देश की वायुसीमा में प्रतिबंधात्मक निर्देश जारी कर NOTAM लागू किया गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और सैन्य गतिविधियों में अस्थायी व्यवधान उत्पन्न हो गया है.
फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स (FAS) की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के पास कुल 40 सैन्य एयरबेस हैं. इनमें से 30 एयरबेस युद्ध की स्थिति में परमाणु हथियारों के उपयोग के लिए तैयार किए जा सकते हैं.
प्रमुख पाकिस्तानी सैन्य एयरबेस:
शोरकोट एयरबेस
मसरूर कराची
समुंगली (क्वेटा)
मिन्हास (कामरा)
पेशावर एयरबेस
पाकिस्तान के सैन्य एयरबेस को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है:-
मेजर ऑपरेशनल बेस (Main Operating Bases):- ये पूर्ण रूप से कार्यरत एयरबेस होते हैं जहां से नियमित रूप से सैन्य अभियान चलाए जाते हैं.
फॉरवर्ड ऑपरेशनल बेस (Forward Bases):- ये बेस सामान्यतः एक्टिव रहते हैं और युद्ध की स्थिति में तुरंत फुल फंक्शनल बनाए जा सकते हैं.
सैटेलाइट बेस (Satellite Bases):- इनका उपयोग आपातकालीन स्थिति में विमानों की लैंडिंग और रिकवरी के लिए किया जाता है. First Updated : Saturday, 10 May 2025