ईरान-अमेरिका तनाव गरमाते ही उत्तर कोरिया ने दागी कई बैलिस्टिक मिसाइल, जापान ने तुरंत नेशनल इमरजेंसी किया घोषित

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच दोबारा तनाव बढ़ते ही उत्तर कोरिया ने आज एक साथ कई बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दी है. इस घटना के सामने आते ही जापान ने तुरंत नेशनल इमरजेंसी घोषित कर दी है.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज स्ट्रेट में दोबारा तनाव बढ़ने के दौरान उत्तर कोरिया ने रविवार 19 अप्रैल को एक साथ कई बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दी. इस घटना से पूर्वी एशिया में हड़कंप मच गया और जापान ने तुरंत नेशनल इमरजेंसी घोषित कर दी.

जापान में इमरजेंसी का ऐलान

जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर पोस्ट कर उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रक्षेपण की जानकारी दी और इमरजेंसी सक्रिय कर दी. जापान सरकार ने कहा कि मिसाइलें उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के बाहर समुद्र में गिरी हैं, लेकिन क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए सतर्कता बढ़ा दी गई है. जापान ने प्योंगयांग के इस कदम की कड़ी निंदा की और इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन बताया.

सिन्पो से दागी गई मिसाइलें

दक्षिण कोरिया के संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ के अनुसार, उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तटीय शहर सिन्पो से छोटी दूरी की कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी. ये मिसाइलें पूर्वी समुद्र (जापान सागर) की ओर लगभग 140 किलोमीटर तक चली. सिन्पो उत्तर कोरिया का महत्वपूर्ण शिपयार्ड है, जहां पनडुब्बियों का निर्माण होता है.

दक्षिण कोरिया की सेना इस बात का विश्लेषण कर रही है कि मिसाइलें जमीन से, पनडुब्बी से या दोनों जगहों से दागी गई. अगर ये पनडुब्बी से लॉन्च हुई तो चार साल बाद ऐसा पहला परीक्षण होगा, जो उत्तर कोरिया की सैन्य क्षमता में नया विकास माना जा रहा है.

आईएईए की चेतावनी को किया नजरअंदाज 

संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी संगठन आईएईए ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि उत्तर कोरिया परमाणु हथियार बनाने में तेजी से प्रगति कर रहा है. इसके बावजूद उत्तर कोरिया ने यह परीक्षण किया. यह साल 2026 में उत्तर कोरिया का सातवां और अप्रैल में चौथा मिसाइल परीक्षण है. 

दक्षिण कोरिया की आपात बैठक

दक्षिण कोरिया ने वरिष्ठ अधिकारियों की आपात राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई. बैठक में उत्तर कोरिया के बार-बार उकसावे पर गहरी चिंता जताई गई और तुरंत ऐसे परीक्षण रोकने की मांग की गई. 

दक्षिण कोरिया ने कहा कि वह अमेरिका और जापान के साथ मिलकर स्थिति पर नजर रख रहा है और किसी भी चुनौती का जवाब देने के लिए तैयार है. अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड ने भी कहा कि वह क्षेत्र में अपने सहयोगियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.

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